रूस और यूक्रेन के बीच चल रही लड़ाई खत्म कराने के लिए यूरोप के नेता भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने शनिवार को पीएम मोदी से बात की। 

Ukraine War: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से फोन पर बात की। दोनों नेताओं के बीच अन्य मुद्दों के अलावा यूक्रेन में चल रही लड़ाई को जल्द खत्म कराने पर बात हुई। इस संबंध में पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया,

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राष्ट्रपति मैक्रॉन के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हो रही सकारात्मक प्रगति की समीक्षा की। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर अपने विचारों का आदान प्रदान किया। इसमें यूक्रेन में चल रही लड़ाई जल्द खत्म कराने का मामला भी शामिल है। दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।

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इमैनुएल मैक्रॉन ने पीएम मोदी को बताया जेलेंस्की से साथ बैठक में क्या हुआ

दूसरी ओर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और गठबंधन के बीच पिछले सप्ताह हुई बैठक के परिणाम से अवगत कराया। गठबंधन फ्रांस और ब्रिटेन सहित 31 देशों का एक समूह है। इसका उद्देश्य रूस के खिलाफ यूक्रेन को मजबूत करना है।

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यूक्रेन की लड़ाई रुकवाने के लिए पीएम मोदी से बात कर रहे यूरोपीय नेता

दरअसल, भारत और रूस के बेहद नजदीकी संबंध हैं। पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भी घनिष्ठ संबंध हैं। इसके चलते यूरोपीय नेता यूक्रेन की लड़ाई को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ तेजी से बातचीत कर रहे हैं। इस मामले में भारत ने साफ कहा है कि यूक्रेन मामले के शांतिपूर्ण हल के लिए कोशिश करेंगे। लड़ाई में भारत न तो रूस के साथ है और न अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ।

इससे पहले पीएम मोदी ने यूरोपीय नेताओं के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल की थी। इसमें यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूक्रेन युद्ध समाप्त करने और शांति की दिशा में बढ़ने में भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला था।

पश्चिम के लिए वैकल्पिक राजनयिक चैनल के रूप में उभरा भारत

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोशिश की। उन्होंने अलास्का में पुतिन के साथ बातचीत की। इसके बाद जेलेंस्की और यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली व यूरोपीय संघ के नेता व्हाइट हाउस गए। भारत पश्चिम के लिए एक वैकल्पिक राजनयिक चैनल के रूप में उभरा है। रूसी राष्ट्रपति ने हाल ही में चीन में संपन्न शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान शांति को बढ़ावा देने में भारत की भूमिका को स्वीकार किया है।

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बता दें कि चीन में नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात से एक दिन पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पीएम मोदी को फोन किया था। उन्होंने यूक्रेन में चल रही लड़ाई की स्थिति बताई थी।