सार
Pm modi security breach : पिछले महीने पांच जनवरी को पंजाब के फिरोजपुर जाते समय प्रधानमंत्री का काफिला रोके जाने की जांच कर रहीं सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा रविवार को पहली बार पंजाब पहुंचीं। टीम ने फिरोजपुर में जनसभा के लिए जाते समय उस फ्लाईओवर का निरीक्षण किया, जिस पर प्रधानमंत्री करीब 15 से 20 मिनट तक फंसे रहे। वह उस जगह भी गईं जहां रैली होनी थी।
फिरोजपुर। पंजाब में 5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में (Pm modi security breach) चूक के एक महीने बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पांच सदस्यीय समिति रविवार को पहली बार घटनास्थल पर फिरोजपुर पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा चूक की जांच के लिए शीर्ष अदालत के रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में 12 जनवरी को 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने फिरोजपुर में उस फ्लाईओवर का निरीक्षण किया, जिस पर प्रधानमंत्री करीब 15 से 20 मिनट तक फंसे रहे। वह उस जगह भी गईं, जहां प्रधानमंत्री की रैली होनी थी।जस्टिस मल्होत्रा के साथ चंडीगढ़ के डीजीपी (DGP), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के आईजी, पंजाब के एडीजीपी सुरक्षा और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल भी थे। पीएम के दौरे से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड पहले ही कमेटी के पास पहुंच चुका है।
केंद्र और पंजाब पहले कर रहे थे अलग-अलग जांच
पिछले महीने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के बाद केंद्र और पंजाब सरकार ने अलग-अलग जांच शुरू की थी। पंजाब सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस मेहताब सिंह गिल और गृह सचिव अनुराग वर्मा की कमेटी बनाई थी, जबकि केंद्र ने इंटेलिजेंस ब्यूरो और एसपीजी अधिकारियों के साथ सुरक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक जांच समिति भी बनाई थी। केंद्रीय समिति ने पहले ही जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। शीर्ष अदालत ने दोनों समितियों को खारिज कर दिया और जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा के नेतृत्व में एक जॉइंट इन्वेस्टिगेशन कमेटी बनाई थी।
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पंजाब सरकार पर लगे थे बड़े आरोप
पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक को लेकर भाजपा (BJP) ने पंजाब की कांग्रेस सरकार (Punjab Congress Government) पर बड़े आरोप लगाए थे। पार्टी का कहना था कि पंजाब सरकार ने जानबूझकर प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर व्यवस्था नहीं की, जबकि पीएम का कार्यक्रम पहले से तय था। यही नहीं, डीजीपी द्वारा रूट क्लियर होने की पुष्टि के बाद ही पीएम का काफिला फिरोजपुर की ओर रवाना हुआ था, लेकिन शहीद स्मारक से 30 किमी पहले ही प्रदर्शनकारियों ने उनका रास्ता रोक लिया था। करीब पंद्रह मिनट रुकने के बाद पीएम को वापस लौटना पड़ा था। हालांकि, कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सफाई देती रही है कि प्रदर्शनकारी उनसे बात करना चाहते थे। सुरक्षा में चूक जैसा कोई मामला नहीं है।
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