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31 साल पहले क्या हुआ था, जिसे याद कर दिल्ली पुलिस ने कहा, किरण बेदी कमिश्नर होतीं तो हम न पिटते

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस एस एन ढींगरा ने बताया कि  17 फरवरी 1988 को ऐसा ही विवाद तीस हजारी कोर्ट में हुआ था। उस वक्त किरण बेदी नार्थ दिल्ली की डिप्टी कमिश्नर थीं। तब ढींगरा तीस हजारी कोर्ट में एडिशनल डिस्ट्रक्टि सेशन जज थे।

Policemen said that Kiran Bedi is the Commissioner of Police, today we do not have such condition in Delhi
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New Delhi, First Published Nov 5, 2019, 2:56 PM IST
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नई दिल्ली. तीस हजारी कोर्ट में शनिवार को पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर के खिलाफ भी नारेबाजी हुई। पुलिस हेडक्वार्टर के सामने प्रदर्शन कर रहे पुलिसवालों को मनाने के लिए पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आप काम पर लौट आएं, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। एक तरफ पुलिस कमिश्नर संबोधन करते रहे, दूसरी तरफ पुलिसवाले उन्हीं के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। जिक्र किरण बेदी का हो रहा है। नारे लगाए गए कि पुलिस कमिश्नर कैसा हो, किरण बेदी जैसा हो। ऐसे में बताते हैं कि आखिर किरण बेदी जैसे पुलिस कमिश्नर की मांग क्यों की गई।

31 साल पुराना है मामला
दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस एस एन ढींगरा ने बताया कि  17 फरवरी 1988 को ऐसा ही विवाद तीस हजारी कोर्ट में हुआ था। उस वक्त किरण बेदी नार्थ दिल्ली की डिप्टी कमिश्नर थीं। तब ढींगरा तीस हजारी कोर्ट में एडिशनल डिस्ट्रक्टि सेशन जज थे। उन्होंने बताया कि तब वकीलों ने अदालतों में ताले डलवा दिए थे। लेकिन किरण बेदी ने पुलिसवालों का साथ दिया था। इसलिए ही पुलिसवाले किरण बेदी को याद कर रहे हैं। उनका मानना है कि अगर किरण बेदी जैसा पुलिस कमिश्नर होता है तो शायद आज हम प्रोटेस्ट न कर रहे होते, क्योंकि वे ऐसी स्थिति नहीं आने देती।

Policemen said that Kiran Bedi is the Commissioner of Police, today we do not have such condition in Delhi

वकील को हथकड़ी लगाने पर हुआ था विवाद

जनवरी में विवाद की शुरुआत एक वकील की गिरफ्तारी से हुई, जिसपर चोरी का आरोप लगा था। इसके बाद तीस हजारी कोर्ट के वकील तुरंत हड़ताल पर चले गए। उन्होंने आरोप लगाया था कि ऐसे मामलों में वकीलों को हथकड़ी नहीं लगानी चाहिए थी। यह हड़ताल जल्दी ही पूरे देश में फैल गई। इस दौरान दो हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें वकीलों ने आरोप लगाया कि किरण बेदी उनकी सुरक्षा करने में विफल रही हैं। 

Policemen said that Kiran Bedi is the Commissioner of Police, today we do not have such condition in Delhi

किरण बेदी पर लगा था हमला कराने का आरोप

वकीलों ने आरोप लगाया था कि वकीलों के एक समूह पर दो अलग-अलग हमले हुए, जिसमें एक किरण बेदी द्वारा और दूसरा उनके आदेश पर करवाया गया। आरोप है कि किरण बेदी के कार्यालय के बाहर पहली झड़प 21 जनवरी को हुई, जहां 18 वकील घायल हो गए। तब वकीलों ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया था। तब किरण बेदी ने कहा था कि वकीलों ने उनके कार्यालय पर हमला किया, अश्लील बातें की और उन्हें धमकी दी। 

Policemen said that Kiran Bedi is the Commissioner of Police, today we do not have such condition in Delhi

साबित नहीं हुआ था आरोप

वकीलों के मुताबिक 17 फरवरी 1988 को तीस हजारी कोर्ट परिसर में कम से कम 3,000 लोगों की हिंसक भीड़ पहुंच गई। उन्होंने वकीलों के कार्यालयों पर हमले किए। वकीलों ने आरोप लगाया कि यह हमला किरण बेदी द्वारा करवाया गया। हालांकि बाद में कोर्ट ने कहा कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।

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