दो जून की रोटी के लिए परेशान रहने वाली अर्चना पवार के जीवन में कौशल विकास प्रशिक्षण योजना काफी अहम पड़ाव साबित हुआ।

Skill Development initiative: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) देश के हजारों बेसहरा, मजबूर लोगों के सपनों को पंख दे रही। देश के लाखों लोगों इस योजना का लाभ उठाकर अपने जीवन में सशक्त बदलाव लाने में सफल रहे हैं। मुंबई की अर्चना पवार के जीवन में आए बदलाव, इस योजना के परिवर्तनकारी पहल की कहानी कहते हैं।

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अर्चना पवार अब बनीं सैकड़ों महिलाओं की मार्गदर्शक

दो जून की रोटी के लिए परेशान रहने वाली अर्चना पवार के जीवन में कौशल विकास प्रशिक्षण योजना काफी अहम पड़ाव साबित हुआ। आज की तारीख में अर्चना आत्मनिर्भर हैं और सैकड़ों महिलाओं को इस पुरुष वर्चस्व वाले पेशे में लाकर जेंडर इक्वालिटी की नई कहानी गढ़ रहीं।

मुद्रा योजना से मिली सहायता तो शुरू किया ट्रेनिंग स्कूल

अर्चना पवार बताती हैं कि ट्रेनिंग के बाद उनको प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन मिला। पीएमकेवीवाई के तहत वाहन चलाने की प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर एक दुपहिया और एक चारपहिया वाहन खरीदीं । इसके बाद उन्होंने अपने सपनों को साकार करने के लिए मोटर ड्राइविंग स्कूल शुरू किया।

अब अर्चना अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उनको भी आत्मनिर्भर बना रही हैं। उनके द्वारा प्रशिक्षित कई महिलाओं ने खाद्य वितरण एजेंसियों के साथ काम करना भी शुरू कर दिया है। रोजगार मिलने से, इन महिलाओं को भी आर्थिक आजादी मिली है। आर्थिक रूप से सशक्त अब ये महिलाएं अपनी शर्तों पर ज़िंदगी जी रही हैं। आज की तारीख में अर्चना सैकड़ों महिलाओं के लिए उनके आर्थिक सशक्तिकरण का मार्गदर्शक बन चुकी हैं।

2015 में शुरू हुई थी कौशल विकास योजना

देश में कौशल विकास को प्रोत्साहित करने और बढ़ावा देने के लिए 2015 में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) शुरू की गई थी। इस योजना के तहत प्रशिक्षुओं को कम अवधि वाले कौशल प्रशिक्षण निःशुल्क तौर पर प्रदान किए जाते हैं। युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कौशल प्रमाणन के एवज में स्टाइपेंड भी दिए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य, उद्योग को स्किल्ड लोगों से जोड़कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। पीएमकेवीवाई योजना के तहत 30 जून 2023 तक एक करोड़ 38 लाख से अधिक लोग ट्रेनिंग लेकर अलग-अलग कामधंधे में जुटे हुए हैं।

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