कांग्रेस ने अपने रिवाइवल प्लान को लेकर तैयारी करनी शुरू कर दी है। प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए प्रेजेंटेशन दिया जिस पर सोनिया गांधी को जल्द फैसला लेना है। 

नई दिल्ली। चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के जल्द ही कांग्रेस (Congress) में शामिल होने की संभावना है। दो हफ्ते में तीसरी बार सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के साथ उनकी बैठक में फैसला लिया जाएगा। पीके (PK) के कांग्रेस में शामिल होने के साथ ही देश की सबसे पुरानी पार्टी में नए सिरे से रिवाइवल का भी प्लान है। संभावना है कि गैर-गांधी परिवार से कोई नया कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाया जाएगा।

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पीके के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी

पिछले हफ्ते सोनिया गांधी व राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ प्रशांत किशोर ने मीटिंग करते हुए कांग्रेस को नए सिरे से पूरे जोश के साथ देश के सामने विकल्प के रूप में तैयार करने की भूमिका समझाई। पहली बैठक में, कांग्रेस के लिए एक पुनरुद्धार योजना और राज्यों के साथ-साथ आगामी 2024 आम चुनाव जीतने की रणनीति की रूपरेखा पीके ने प्रस्तुत की।

कांग्रेस के चुनिंदा नेताओं ने भी देखा प्रेजेंटेशन

उस प्रेजेंटेशन को कांग्रेस के चुनिंदा नेताओं के बीच प्रसारित किया गया है, जिनसे योजना पर और प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी गई है।

पीके ने प्रेजेंटेशन देकर बताया कांग्रेस की पतन का कारण

हालांकि, प्रशांत किशोर की कांग्रेस 2.0 योजना का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन एक मीडिया समूह ने गांधी परिवार को प्रस्तुत की गई योजना का विवरण प्राप्त किया है। इस प्रेजेंटेशन में प्रशांत किशार ने देश की सबसे बड़ी पार्टी के 1984 से 2019 तक के उन वजहों को चिंहित किया गया है जो इसके पतन की वजह बनीं। इसी के साथ उन्होंने 2024 में देश में पुन: जीत हासिल करने की योजना भी बताई है।

पीके ने हार और पतन की वजहों में विरासत और उपलब्धियों को भुनाने में विफलता, संरचनात्मक कमजोरियां और जनता के साथ जुड़ाव की कमी भी बताई है। पीके की योजना में कहा गया है कि कांग्रेस के रिवाइवल के लिए नेतृत्व को पार्टी के पुनर्निर्माण और इसे लोकतांत्रिक बनाने की जरूरत है।

कैसे फिर से देश में जीत हासिल करेगी कांग्रेस?

पीके ने प्रस्ताव देकर समझाया है कि कांग्रेस को बड़े बदलाव की जरूरत है। सोनिया गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में बने रहने के साथ गैर-गांधी कार्यकारी अध्यक्ष या उपाध्यक्ष बनाया जाए। राहुल गांधी को संसदीय बोर्ड के प्रमुख के रूप में सुझाया। इसमें कहा गया कि एक गैर-गांधी कार्यकारी अध्यक्ष/उपाध्यक्ष की जरूरत है जो कांग्रेस नेतृत्व के निर्देशानुसार जमीन पर प्रभावी ढंग से काम कर सके।

पीके ने पांच रणनीतिक फैसले लेने का सुझाव दिया था जो पार्टी के लिए हितकारी है। इसके साथ ही गठबंधनों को सुलझाना, पार्टी के संस्थापक सिद्धांतों को पुनः प्राप्त करना, जमीनी स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को फिर सक्रिय करना भी शामिल है। इसके अलावा मीडिया और डिजिटल प्रचार का एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का भी सुझाव दिया गया है।

कांग्रेस 2.0 के लिए पीके की योजना के कुछ मुख्य अंश इस प्रकार हैं:

  • जनता के लिए एक नई कांग्रेस का निर्माण।
  • इसके मूल्यों और मूल सिद्धांतों की रक्षा करना।
  • हक़ीक़त और चाटुकारिता की भावना को नष्ट करना।
  • गठबंधन की पहेली को सुलझाना।
  • प्रचलित भाई-भतीजावाद का मुकाबला करने के लिए एक परिवार, एक टिकट।
  • सभी स्तरों पर चुनाव के माध्यम से संगठनात्मक निकायों का पुनर्गठन।
  • कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति सहित सभी पदों के लिए निश्चित कार्यकाल।
  • 15,000 जमीनी स्तर के नेताओं को पहचानें और सार्थक रूप से संलग्न करें और पूरे भारत में 1 करोड़ कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें।
  • 200 से अधिक समान विचारधारा वाले प्रभावितों, कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों का एक संघ जो समन्वय कार्रवाई, असंतोष उठाएँ और सिनर्जी बनाएँ।

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