बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के प्रशांत किशोर को शुरुआती बढ़त मिली है. NDA ने इसे महज शुरुआती रुझान बताते हुए अपनी जीत का दावा किया है. मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अंतिम परिणाम NDA के पक्ष में होगा.
पटना (बिहार) [भारत], 3 अगस्त (एएनआई): सोमवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को बढ़त मिलती देख, सत्ताधारी एनडीए ने इस बढ़त को शुरुआती रुझान बताकर खारिज कर दिया. एनडीए ने जोर देकर कहा कि एक सीट राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को फिर से परिभाषित नहीं करती है.
NDA ने बढ़त को बताया शुरुआती रुझान
पत्रकारों से बात करते हुए, बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि एनडीए को अब भी भरोसा है कि मतगणना के सभी 31 राउंड पूरे होने के बाद अंतिम परिणाम उनके पक्ष में होगा. मंत्री ने कहा, "हम अभी भी अपने दावे से पीछे नहीं हट रहे हैं... जब 31 राउंड की गिनती के बाद परिणाम घोषित होंगे, तब पता चलेगा कि मेरा दावा खोखला था या वजनदार... मैंने भी चुनाव लड़े हैं और आज तक चुनाव जीते हैं. मैं कभी-कभी पहले, दूसरे और तीसरे राउंड में पीछे रहा हूं. इसका मतलब यह नहीं है कि मैं हार गया. जनता का जनादेश आने दीजिए, हम सभी जो भी जनादेश मिलेगा उसका सम्मान करेंगे. लेकिन मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि हमने बिहार के लोगों के लिए जो काम किया है, उसके आधार पर हमें अब भी विश्वास है कि परिणाम एनडीए के पक्ष में होगा."
जन सुराज पार्टी के एनडीए पर पड़ने वाले प्रभाव को खारिज करते हुए श्रवण कुमार ने कहा, "एक विधायक जीतने से बिहार की राजनीति स्थापित नहीं होती. बिहार की राजनीति स्थापित करने के लिए बड़े दिल वाले व्यक्ति की जरूरत होती है. नीतीश कुमार जैसे व्यक्तित्व वाले व्यक्ति की जरूरत होती है... इसका असर राजद पर पड़ेगा, लेकिन हम पर इसका क्या असर हो सकता है?... राजद के वोट कहीं और जा रहे हैं."
जन सुराज ने मतदाताओं का जताया आभार
दूसरी ओर, एएनआई से बात करते हुए, जन सुराज पार्टी के बिहार इकाई के अध्यक्ष मनोज भारती ने "बदलाव" और प्रशांत किशोर को चुनने के लिए मतदाताओं का आभार व्यक्त किया. भारती ने कहा, "हम बांकीपुर की जनता को बधाई देते हैं और धन्यवाद भी करते हैं कि उन्होंने बदलाव, प्रशांत जी और जन सुराज को चुना. प्रशांत जी को हर तरफ से समर्थन मिला है. यह दिखाता है कि ऐसा कोई कोना नहीं है जहां जन सुराज की आवाज नहीं पहुंची. यह बिहार में लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए एक बड़ी जीत है."
हालांकि, जन सुराज नेता ने भाजपा और स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि "साइलेंट वोटर्स" ने डराने-धमकाने पर काबू पा लिया है. भारती ने कहा, "पिछले 2-3 चुनावों में हमने देखा है कि भाजपा क्या कर सकती है. इस बार भी उन्होंने अपनी पूरी कोशिश की. जिस तरह से भाजपा के लोगों ने गुंडागर्दी दिखाई और प्रशासन ने उनका समर्थन किया, कुछ भी हो सकता था. हमें बड़ी संख्या में साइलेंट वोटर्स मिले हैं जिन्होंने हमारा समर्थन किया है."
बीजेपी का गढ़ रहा है बांकीपुर
बांकीपुर, जो पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, लंबे समय से भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है. इस सीट का प्रतिनिधित्व 2010 से भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और उनसे पहले उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा करते रहे हैं, जिससे यह बिहार में पार्टी के सबसे स्थापित शहरी गढ़ों में से एक है.
किशोर ने एएनआई से कहा था, "जब लोग अपनी चुनावी राजनीति शुरू करते हैं, तो वे अपने लिए सुरक्षित सीटें ढूंढते हैं... मैं इसके विपरीत कर रहा हूं क्योंकि मैं बिहार के लोगों से कह रहा हूं कि अगर बिहार को बदलना है, तो उन्हें जाति और धर्म से ऊपर उठकर मतदान करना होगा. उन्हें लालू के डर से भाजपा को, या भाजपा के डर से लालू को वोट देना बंद करना होगा. मैं बिहार के लोगों को जो बात समझा रहा हूं, उसे साबित करने के लिए, मैं एक ऐसी जगह से चुनाव लड़ रहा हूं जहां जाति या धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगे जाने चाहिए..."
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव, जिसे बिहार में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबला माना जा रहा है, भाजपा नेता नितिन नबीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद सीट खाली होने के कारण जरूरी हुआ था. (एएनआई)
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