देश के 71वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश को संबोधित किया। सबसे पहले राष्ट्रपति ने पूरे देश को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। फिर उन्होंने गणतंत्र का मतलब बताया। उन्होंने कहा, लोगों से ही राष्ट्र का निर्माण होता है।  

नई दिल्ली. देश के 71वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश को संबोधित किया। सबसे पहले राष्ट्रपति ने पूरे देश को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। फिर उन्होंने गणतंत्र का मतलब बताया। उन्होंने कहा, लोगों से ही राष्ट्र का निर्माण होता है। हमारे संविधान ने हम सब को एक स्वाधीन लोकतंत्र के नागरिक के रूप में कुछ अधिकार प्रदान किए हैं। लेकिन संविधान के अंतर्गत ही हम सब ने यह जिम्मेदारी भी ली है कि हम न्याय, स्वतंत्रता और समानता तथा भाईचारे के मूलभूत लोकतान्त्रिक आदर्शों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहें। 

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इसरो की तारीफ की : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसरो की उपलब्धियों पर कहा कि हम सभी देशवासियों को बहुत गर्व है। इसरो की टीम अपने मिशन गगनयान में आगे बढ़ रही है, और सभी देशवासी इस वर्ष भारतीय मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम के और तेज गति से आगे बढ़ने की उत्साहपूर्वक प्रतीक्षा कर रहे हैं।

प्रवासी भारतीयों ने सदैव गौरव बढ़ाया : राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, प्रवासी भारतीयों ने सदैव देश का गौरव बढ़ाया है। अपनी विदेश यात्राओं के दौरान मैंने देखा है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने न केवल वहां की धरती को अपनी परिश्रम से समृद्ध किया है बल्कि उन्होंने विश्व समुदाय की निगाह में भारत की छवि को भी निखारा है।

देश की सेनाओं की प्रशंसा की : उन्होंने कहा, देश की सेनाओं, अर्धसैनिक बलों और आंतरिक सुरक्षा बलों की मैं मुक्त-कंठ से प्रशंसा करता हूं। देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने में उनका बलिदान, अद्वितीय साहस और अनुशासन की अमर गाथाएं प्रस्तुत करता है।