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सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से रूबरू हुए PM मोदी-'GDP के बढ़ते आंकड़े व यूके को पछाड़ना विकास के उदाहरण'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज(8 सितंबर) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सूरत के ओलपाड(Olpad) में सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। इस दाैरान उन्होंने सूरत के लोगों की खूब तारीफ की। अपने राजनीति योगदान में सूरत की भूमिका को भी याद किया।

Prime Minister Narendra Modi  interacts with beneficiaries of various schemes at Olpad in Surat, Gujarat kpa
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First Published Sep 8, 2022, 2:01 PM IST

सूरत. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) ने आज(8 सितंबर) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सूरत के ओलपाड(Olpad) में सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। मोदी ने कहा कि वे अक्सर सूरत की सद्भावना, सूरत के लोगों के सामर्थ्य और उनकी इच्छाशक्ति की बात करते रहते हैं। गुलामी के समय में सूरत देश के उन पहले स्थानों में था, जहां नमक कानून का विरोध हुआ था। मोदी ने कहा कि  सूरत के लोग बखूबी समझते हैं कि सेवाभाव क्या होता है? मोदी ने यहां मेगा मेडिकल कैंप की तारीफ करते हुए कहा कि यह अपने आप में एक बड़ी कल्पना है। पढ़िए और क्या बोले मोदी...

वन नेशन-वन राशन कार्ड
वन नेशन, वन राशन कार्ड ने प्रवासी श्रमिकों को सबसे अधिक लाभान्वित किया है, क्योंकि यह देश के किसी भी हिस्से में लाभार्थी को राशन वितरण की सुविधा प्रदान करता है। आज सूरत में एक प्रकार से डबल इंजन सरकार, भूपेंद्र-नरेन्द्र सरकार अलग-अलग योजनाओं के हजारों लाभार्थियों का ये संगम देखना, आप सभी के दर्शन करना, ये मेरे लिए सौभाग्य की बात है। विशेष मेगा मेडिकल कैंप सेवा के माध्यम से लोगों को जोड़ने का एक तरीका है, और मैं भूपेंद्र भाई(मुख्यमंत्री गुजरात) को इस पहल के लिए तहे दिल से बधाई देता हूं।

सूरत के लोग जानते हैं कि सेवभाव क्या होता है
गुलामी के समय में सूरत देश के उन पहले स्थानों में था जहां नमक कानून का विरोध हुआ था। सेवाभाव क्या होता है, सूरत के लोग बखूबी समझते हैं। सूरत ने मुझे जितना सहयोग और आशीर्वाद दिया है, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता। मुझे याद है, जब बरसों पहले तापी में बाढ़ आई थी तो मैंने युवाओं से मिलकर सूरत को फिर से संवारने का आग्रह किया था। देखते ही देखते, सूरत के युवा सड़कों पर निकल पड़े थे। सूरत से मिले आशीर्वाद को मैं कभी नहीं भूल सकता। यह शहर स्थानीय लोगों, प्रवासियों और कई अन्य लोगों के सामूहिक प्रयासों द्वारा बनाए गए मजबूत आधार पर खूबसूरती से खड़ा है। उनका एक साथ काम करना एकता के पंच प्राणों में से एक का प्रतीक है, मैंने आप सभी को गले लगाने के लिए कहा है!

बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर भविष्य
बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर भविष्य का मार्ग बनाता है। इसी सोच के साथ बीते वर्षों में हमने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ जन-जागरूकता पर, बीमारियों से बचाव पर, बीमारियों को गंभीर होने से रोकने पर विशेष बल दिया है। आज पूरे गुजरात में मल्टी स्पेशलिटी अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क तैयार हुआ है। पिछले दो दशकों में मेडिकल कॉलेज 11 से बढ़कर 31 हो चुके हैं। एम्स भी बन रहा है और कई मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित हैं। एक स्वस्थ युवा को राष्ट्र के स्वस्थ भविष्य के रूप में माना जाता है! और बीजेपी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल और एम्स जैसे प्रतिष्ठानों की संख्या बढ़ाकर इसे सुनिश्चित कर रही है।  

छोटे किसानो को कदम-कदम पर साथ देना प्राथमिकता
देश के करोड़ों छोटे किसानों का कदम-कदम पर साथ देना, ये हमारी सरकार की प्राथमिकता है। पीएम किसान सम्मान निधि ऐसा ही एक प्रयास है। इस योजना के तहत अब तक देशभर के किसानों के बैंक खातों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। पहले की सरकारों में किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी घोषणाएं होती थीं, लेकिन किसानों के खाते में कुछ पहुंचता नहीं था। लेकिन डबल इंजन की सरकार, किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए काम कर रही है। इसी सच्ची नीयत के कारण ही देश का, गुजरात का किसान बार-बार हमें आशीर्वाद दे रहा है।

कोविड काल में जीडीपी
पूरी दुनिया ने COVID-19 के दौरान सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम को लागू करने के हमारे प्रयासों की सराहना की है और जिस तरह से इसने हमें आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने में मदद की है। जीडीपी के बढ़ते आंकड़े और यूके को पछाड़ना हमारे निरंतर विकास के स्पष्ट उदाहरण हैं! क्लिक करके पढ़ें-वर्ल्ड की 5 बड़ी इकोनॉमी में शामिल हुआ भारत

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