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Guru Nanak Jayanti: पीएम मोदी ने कहा-गुरु वाणी हमारे विकसित भारत का विजन

श्री गुरु नानक देव जी की 553वीं जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत किया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा के आवास पर किया गया। पीएम मोदी ने इस अवसर पर एक सभा को भी संबोधित किया। 

Prime Minister Narendra Modi offer prayer and address the gathering on the eve of Guru Nanak Jayanti at Lodhi estate, DVG
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First Published Nov 7, 2022, 5:01 PM IST

Guru Nanak Jayanti: गुरु नानक जयंती की पूर्व संध्या पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के लोधी एस्टेट में किया गया। श्री गुरु नानक देव जी की 553वीं जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी भी पूजा करने पहुंचे। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों को पीएम मोदी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि हमारे गुरुओं का समय-समय पर आशीर्वाद विशेष अवसरों पर मिलता रहा है, जो प्रेरणा मिलती है वह नए भारत के निर्माण में उर्जा प्रदान करती है। आज जब हम गुरु नानक देव का 553वां प्रकाश पर्व मना रहे हैं तो हम देख रहे हैं कि गुरु आशीर्वाद से भारत ने कितनी ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सिख धर्म में प्रकाश पर्व का जो महत्व व परंपरा रहा है, आज देश भी उस महान परंपरा को पूरे कर्तव्य और तन्मयता के साथ आगे बढ़ा रहा है। हर प्रकाश पर्व का प्रकाश देश के लिए प्रेरणापुंज का काम कर रहा है।

गुरु नानक देव ने जीवन जीने का राह दिखाया...

पीएम मोदी ने कहा कि गुरु नानक देव ने हमें जीवन जीने का राह दिखाया था। उन्होंने कहा था कि ईश्वर का नाम जपते रहो, अपने कर्तव्य मार्ग पर चलते हुए मेहनत करो और आपस में मिल बांटकर खाओ। गुरुनानक जी के इस वाक्य में आध्यात्मिक चिंतन भी है, भौतिक समृद्धि का सूत्र भी है और सामाजिक समरसता की प्रेरणा भी है। आज इसी गुरु मंत्र को आजादी के अमृत काल में आत्मसात कर देश 130 करोड़ भारतवासियों के जीवन कल्याण के लिए काम कर रहा है। आजादी के इस अमृत काल में देश समता, समरसता, सामाजिक न्याय और एकता के लिए सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चल रहा है। यानी जो सीख हमें सदियों पहले गुरुवाणी से मिला था, वह आज की तारीख में हमारे लिए परंपरा भी है, आस्था भी है और विकसित भारत का विजन भी है। उन्होंने कहा कि गुरुग्रंथ साहिब के रूप में हमें जो अमृत वाणी है, उसकी महिमा और सार्थकता समय व भूगोल से परे है।

क्यों मनाया जाता है प्रकाश परब?

प्रकाश परब को गुरु नानक देव के जयंती पर मनाया जाता है। आज से कई सौ साल पहले 1469 ईस्वीं में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरुनानक देव का जन्म हुआ था। गुरु नानक देव ने सिख धर्म की नींव रखी थी। सिख धर्म के अनुयायी अपने गुरु नानक देव की जयंती पर प्रकाश परब मनाते हैं। प्रकाश पर्व पर गुरु द्वारों में विशेष पूजा और अरदास की जाती है। गुरुद्वारों पर रोशनी की जाती है। प्रार्थना सभाओं को आयोजन किया जाता है। ये कार्यक्रम एक दिन पहले से ही शुरू हो जाते हैं। पहले दिन अखंड पाठ किया जाता है। दूसरे दिन भव्य चल समारोह निकाला जाता है, जिसमें निहंग हथियारों से हैरतअंगेज करतब दिखाते चलते हैं। इसके बाद लंगर का आयोजन किया जाता है। जिसमें सभी लोग मिलकर भोजन करते हैं और जरूरतमंदों को भोजन का दान भी किया जाता है।

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