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PM मोदी आज 16वें ईस्ट एशिया सम्मेलन में शामिल होंगे, कोविड और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर होगा फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 27 अक्टूबर को 18वें भारत-आसियान सम्मेलन (18th ASEAN-India Summit) और 16वें ईस्ट एशिया सम्मेलन (16th East Asia Summit) में भाग लेंगे। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इनमें शामिल होंगे।
 

Prime Minister Narendra Modi will virtually attend the 16th East Asia Summit today
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New Delhi, First Published Oct 27, 2021, 7:44 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 27 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये 18वें भारत-आसियान सम्मेलन (18th ASEAN-India Summit) और 16वें ईस्ट एशिया सम्मेलन (16th East Asia Summit) में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में अमेरिका, रुस और चीन समेत 18 देश सदस्य के तौर पर शामिल होते हैं।

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हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की घेराबंदी के बीच यह सम्मेलन महत्वपूर्ण है
इस सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी ज़िनपिंग के शामिल होने की भी पूरी संभावना है। ईस्ट एशिया सम्मेलन (EAS) विभिन्न देशों की रणनीतिक वार्ता के लिए इंडो-पैसिफिक का प्रमुख मंच है। मोदी 28 अक्टूबर को भारत-आसियान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस यह सम्मेलन कोविड 19 से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं और समाधान, व्यापार और वाणिज्यिक कनेक्टिविटी, शिक्षा और संस्कृति सभी मुद्दों पर चर्चा करने का एक प्रमुख मंच है। इस साल यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि हिंद-प्रशांत महासागर में भारत लगातार चीन की घेराबंदी कर रहा है। दोनों देशों में लंबे समय से तनाव चल रहा है।

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18वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन
18वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में आसियान-भारत रणनीतिक साझेदारी की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और कोविड-19 और स्वास्थ्य, व्यापार और वाणिज्य, कनेक्‍टीविटी और शिक्षा और संस्कृति सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति का जायजा लिया जाएगा। महामारी के बाद अर्थव्‍यवस्‍था के पटरी पर आने सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर भी चर्चा की जाएगी। आसियान-भारत शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है और यह भारत और आसियान को उच्चतम स्तर पर जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष नवंबर में वर्चुअली आयोजित 17वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। 18वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन नौवां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन होगा जिसमें वह भाग लेंगे।

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2022 में भारत को इसमें 30 साल पूरे होंगे
आसियान-भारत रणनीतिक साझेदारी साझा भौगोलिक, ऐतिहासिक और सामाजिक विकास के संबंधों की मजबूत नींव पर खड़ी है। आसियान हमारी एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक की हमारी व्‍यापक परिकल्‍पना का केन्‍द्र है। वर्ष 2022 में आसियान-भारत के संबंधों के 30 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत और आसियान में अनेक संवाद तंत्र हैं जो नियमित रूप से मिलते हैं, जिसमें एक शिखर सम्मेलन, मंत्रिस्तरीय बैठकें और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें शामिल हैं। 

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अगस्त 2021 में आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की बैठक और ईएएस विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सितंबर 2021 में वर्चुअली आयोजित आसियान आर्थिक मंत्रियों+भारत परामर्श में भाग लिया, जहां मंत्रियों ने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

यह भी जानें
पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन भारत-प्रशांत में प्रमुख नेताओं के नेतृत्व वाला मंच है। 2005 में अपनी स्थापना के बाद से, इसने पूर्वी एशिया के रणनीतिक और भू-राजनीतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 10 आसियान सदस्य देशों के अलावा, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, जापान, कोरिया गणराज्य, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस शामिल हैं।

भारत, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का संस्थापक सदस्य होने के नाते, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन को मजबूत करने और समकालीन चुनौतियों से निपटने के लिए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह आसियान आउटलुक ऑन इंडो पैसिफिक (एओआईपी) और इंडो-पैसिफिक ओशन इनीशिएटिव (आईपीओआई) के जुड़ने से संबंधित भारत-प्रशांत में व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। 16वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन मेंनेता समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, कोविड-19 में सहयोग सहित क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हित और चिंता के मामलों पर चर्चा करेंगे। नेताओं से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे पर्यटनऔर ग्रीन रिकवरी के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, आर्थिक सुधार पर घोषणाओं को स्वीकार करें, जिन्हें भारत द्वारा सह-प्रायोजित किया जा रहा है।

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