2016 में जिस वक्त देश में नोटबंदी (Demonetization in India) का ऐलान किया गया, उस पीएम के प्रिसिंपल सेक्रेटरी रहे नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra) ने 2000 के नोट बंद होने पर बयान दिया है।

Nripendra Mishra On 2000 Note Ban. पीएम नरेंद्र मोदी के प्रिसिंपल सेक्रेटरी रहे नृपेंद्र मिश्रा ने 2000 के नोट बंद होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से यह मानते रहे हैं कि 2000 के नोट रोजाना के ट्रांजेक्शन के लिए सही नहीं हैं।

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नृपेंद्र मिश्रा ने 2000 के नोट बंद होने पर क्या कहा

पूर्व प्रिंसिपल सेक्रेटरी टू पीएम रहे नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि पीएम मोदी मानते रहे हैं कि 2000 के बड़े नोटों से ब्लैक मनी को बढ़ावा मिलता है। वे हमेशा कहते हैं कि नोटबंदी का लाभ आम पब्लिक को मिलना चाहिए और छोटे नोटों का ही प्रचलन होना चाहिए। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि 2000 के नोटों को बंद करना इसी कड़ी में उठाया गया कदम है। अब 2000 के नोटों की प्रिंटिंग बंद हो जाएगी और इसका सर्कुलेशन 30 सितंबर 2023 से रोक दिया जाएगा। नोटबंदी के बारे में उड़ाई जा रही अफवाहों से इसका कोई लेना-देना नहीं हैं।

PM Modi के पूर्व प्रिंसिपल सेक्रेटरी हैं नृपेंद्र मिश्रा

8 नवंबर 2016 को जब देश में पहली बार नोटबंदी की गई तो नृपेंद्र मिश्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रिसिंपल सेक्रेटरी थे। नोटबंदी के पीछे विचार करने वालों में वे भी शामिल रहे हैं। अब वे आम नागरिक के तौर पर 2000 के नोट बंद होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने 2000 के नोट बंद होने को सही कदम करार दिया है।

कब बंद किए गए 2000 के नोट

19 सितंबर 2023 को 2000 के नोट बंद कर दिए गए हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि 30 सितंबर 2023 के बाद 2000 के नोट चलन से बाहर हो जाएंगे। इससे पहले तब यह वैध मुद्रा मानी जाएगी। आरबीआई ने कहा है कि जिनके पास 2000 के नोट हैं वे 30 सितंबर तक इसे बैंकों में बदल सकते हैं।

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