हिंडनबर्ग रिपोर्ट में सेबी चेयरपर्सन की अडानी ग्रुप में हिस्सेदारी का दावा होने के बाद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है और सेबी प्रमुख के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले की जांच की भी मांग की है।

Hindenburg report on SEBI Chairman: हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की कंपनियों में सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच की हिस्सेदारी का खुलासा होने पर राजनैतिक तापमान हाई हो चुका है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल पूछा कि सेबी प्रमुख ने अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया। इनवेस्टर्स का पैसा अगर डूबता या लुटता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने की बात कही है।

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राहुल बोले-अब स्पष्ट हुआ पीएम मोदी जेपीसी जांच से क्यों डरते

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर ट्वीट कर हिंडनबर्ग खुलासा के बाद अडानी ग्रुप और सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच के संबंधों की जांच के लिए जेपीसी की मांग की है।

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कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया: छोटे खुदरा निवेशकों की संपत्ति की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले प्रतिभूति विनियामक सेबी की ईमानदारी को उसके अध्यक्ष के खिलाफ लगे आरोपों ने गंभीर रूप से ठेस पहुंचाई है। देश भर के ईमानदार निवेशकों के पास सरकार के लिए महत्वपूर्ण सवाल हैं: सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच ने अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया? अगर निवेशक अपनी मेहनत की कमाई खो देते हैं, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा- प्रधानमंत्री मोदी, सेबी अध्यक्ष या गौतम अडानी? सामने आए नए और बेहद गंभीर आरोपों के मद्देनजर, क्या सुप्रीम कोर्ट इस मामले की फिर से स्वतः संज्ञान लेकर जांच करेगा? अब यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री मोदी जेपीसी जांच से इतना क्यों डरते हैं और इससे क्या पता चल सकता है।

क्या है हिंडनबर्ग का सेबी चीफ माधबी पुरी बुच पर आरोप?

दरअसल, हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप और सेबी चीफ के संबंधों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट में खुलासा किया है कि सेबी अध्यक्ष और उनके पति का अडानी समूह से जुड़े ऑफशोर फंड में अघोषित निवेश है। हिंडनबर्ग ने कहा कि इन निवेशों की वजह से सेबी अडानी ग्रुप्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने बरमूडा और मॉरीशस में अस्पष्ट फंडों सहित ऑफशोर संस्थाओं में निवेश किया था जो कथित तौर पर अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी से जुड़े थे। इन संस्थाओं का इस्तेमाल फंड को राउंड-ट्रिप करने और स्टॉक की कीमतों को बढ़ाने के लिए किया जाता था। पढ़िए क्या है माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल का जवाब…