राजस्थान में जारी सियासी दंगल सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। दरअसल, राजस्थान स्पीकर सीपी जोशी ने हाईकोर्ट से पायलट गुट को तीन दिन की राहत मिलने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। दरअसल, स्पीकर ने पायलट समेत 19 बागी विधायकों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था, कि क्यों ना उनकी सदस्यता रद्द की जाए। 

जयपुर. राजस्थान में जारी सियासी दंगल सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। दरअसल, राजस्थान स्पीकर सीपी जोशी ने हाईकोर्ट से पायलट गुट को तीन दिन की राहत मिलने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। दरअसल, स्पीकर ने पायलट समेत 19 बागी विधायकों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था, कि क्यों ना उनकी सदस्यता रद्द की जाए। इस नोटिस के खिलाफ बागी विधायकों ने हाईकोर्ट ना रुख किया था। हाईकोर्ट ने 24 जुलाई तक किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाई है। 

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इस पर स्पीकर सीपी जोशी नाराज नजर आए। उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा, ये संविधान में लिखा है कि संसद कानून बनाएगी, कोर्ट उसपर नजर रखेगा। किसी विधायक को अयोग्य घोषित करने का फैसला लेने का अधिकार विधानसभा स्पीकर का है, मैंने सिर्फ नोटिस भेजा है, कोई कार्रवाई नहीं की। 

मेरे फैसले के बाद कार्रवाई कर सकता है हाईकोर्ट
विधानसभा स्पीकर ने कहा, अगर हाईकोर्ट कोई कार्रवाई करता है तो ऐसा तभी कर सकता है, जब मैं फैसला सुनाऊं। लेकिन अभी तो मैंने सिर्फ नोटिस भेजा है। फैसला तो कुछ किया ही नहीं। उन्होंने कहा, विधानसभा अध्यक्ष होने के नाते क्या मैं नोटिस भी जारी नहीं कर सकता हूं। मेरा अधिकार है कि मैं नोटिस जारी कर सकता हूं, वह मैंने किया। संविधान के मुताबिक, मेरे इस फैसले में हाईकोर्ट दखल नहीं दे सकता। 

उन्होंने कहा, मैंने स्पीकर होने के नाते नोटिस दिया है। यह नियम है। इसका मैंने पालन किया। कोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकती। उन्होंने कहा, कांग्रेस की चिट्ठी आई थी, इस पर सोच विचार कर मैंने नोटिस जारी किया है। इसमें किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट के नियम के मुताबिक, मेरे फैसले से पहले हाईकोर्ट दखल नहीं दे सकता।