गुजरात के राजकोट में गेमिंग जोन आग हादसे के मामले में जहां सरकार ने पांच अफसरों को सस्पेंड कर दिया है तो वहीं अधिवक्ताओं ने आरोपियों का केस लड़ने से इनकार कर दिया है। बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है हादसे के आरोपियों का केस कोई नहीं लड़ेगा।

नेशनल डेस्क। गुजरात के राजकोट में हुए गेमिंग जोन फायर हादसे के मामले में नया अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने मामले में जुड़े लापरवाह अफसरों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें दो पुलिस निरीक्षक और नगर निगम के तीन अधिकारी शामिल हैं। वहीं दूसरी और अधिवक्ताओं ने घटना के आरोपियों का केस लड़ने से इनकार कर दिया है। बार एसोसिएशन की ओर से ये ऐलान किया गया है। 

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5 अफसरों पर सरकार की कार्रवाई 
राजकोट गेमिंग जोन हादसे में एसआईटी की टीम मामले की जांच कर रही है तो वहीं राज्य सरकार की ओर तरफ से लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाई गई है। मामले में सरकार ने लापरवाही उजागर होने पर पांच अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। निलंबित अफसरों ने दो पुलिस निरीक्षक हैं जबकि तीन नगर निगम के अधिकारी हैं। सभी को सस्पेंड कर दिया गया है।

आरोपियों का केस नहीं लड़ रहे वकील
राजकोट गेमिंग जोन हादसा बहुत बड़ी त्रासदी के रूप में कभी न भूलने वाला जख्म दे गया है। हादसे में मारे गए लोगों को लेकर सभी की मन में पीड़ा के साथ आक्रोश भी है। आलम ये है कि घटना के आरोपियों का केस लड़ने से सभी अधिवक्ताओं ने इनकार कर दिया है। अधिवक्ताओं ने एक मत से निर्णय लिया है कि इस घटना के दोषियों के बचाव में कोई भी वकील केस नहीं लड़ेगा। बार एसोसिएशन की ओर से यह निर्णय लिया गया है।

शनिवार रात को हुए गेमिंग जोन आग हादसे में 27 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। इनमें 12 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। गेमिंग जोन के एक्सटेंशन एरिया में ही वेल्डिंग का काम करने के दौरान अचानक आग भड़क गई थी और हादसा हो गया था। मामले में गेमिंग जोन के मालिक और प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया था। दोनों के खिलाफ एसआईटी की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई होगी।