बुधवार को मानसून सत्र का अंतिम दिन साबित हुआ। रोज रोज हो रहा हंगामा अचानक से बढ़ गया। विपक्षी सांसद अपनी मांग को लेकर हंगामा करने लगे। पहले से ही लगाए गए मार्शल के साथ भी धक्कामुक्की हुई।

नई दिल्ली। मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में हुए हंगामा के बाद अब आरोप-प्रत्यारोपों का दौर चल रहा है। सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। विपक्ष जहां महिला सांसदों की पिटाई और दुर्व्यवहार का आरोप लगा रहा तो सत्ता पक्ष महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार का मुद्दा बना रहा। उधर, संसद की महिला सुरक्षाकर्मी ने लिखित शिकायती पत्र भेजकर विपक्ष की दो महिला सांसदों पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। 

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राज्यसभा सचिवालय को भेजा शिकायती पत्र

राज्यसभा सचिवालय को महिला सुरक्षाकर्मी अक्षिता भट्ट ने शिकायती पत्र भेजकर सदन में दो महिला सांसदों पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। अक्षिता भट्ट सदन में सुरक्षा सहायक-ग्रेड 2 के पद पर तैनात हैं। उन्होंने संसद के सुरक्षा निदेशक को अपनी लिखित शिकायत भेजी है। महिला सुरक्षाकर्मी ने कहा है कि ‘दोनों महिला सांसदों ने बांह पकड़कर मुझे घसीटा। दोनों सांसद अपने पुरुष साथियों की मदद करना चाहती थीं ताकि वो सुरक्षा घेरे को तोड़ सकें।‘

अक्षिता के अनुसार कुछ पुरुष सांसद प्रदर्शन में शामिल थे। वो सब उनकी तरफ बढ़े और उन्होंने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। जब उन्होंने सांसदों को रोकने की कोशिश की तब सांसद छाया वर्मा और फुलो देवी नेताम आगे आईं। दोनों महिला सांसदों ने अपने पुरुष सहयोगियों के लिए रास्ता बनाया ताकि वो सुरक्षा घेरे को तोड़ सकें और टेबल तक पहुंच सकें।‘

राकेश नेगी ने भी की शिकायत

एक अन्य सुरक्षा सहायक राकेश नेगी ने लिखित शिकायत में यह बताया कि सदन में हंगामे के दौरान एलमारन करीम ने उनकी गर्दन पकड़ी और उनको घसीटने लगे। वह सुरक्षा घेरा बनाए हुए थे। सांसद के कारण उनका गला दबने से घुटन होने लगी। बुधवार को राकेश की ड्यूटी राज्यसभा के अंदर बतौर मार्शल लगी हुई थी। राकेश नेगी ने बताया कि सांसद एलमाराम करीम और अनिल देसाई ने मार्शलों के द्वारा बनाए गए सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की थी। 

बुधवार को जमकर हुआ हंगामा, सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित

बुधवार को मानसून सत्र का अंतिम दिन साबित हुआ। रोज रोज हो रहा हंगामा अचानक से बढ़ गया। विपक्षी सांसद अपनी मांग को लेकर हंगामा करने लगे। पहले से ही लगाए गए मार्शल के साथ भी धक्कामुक्की हुई। बता दें कि बुधवार को विवादास्पद सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 को राज्यसभा में हंगामे के बीच पारित किया गया, जबकि विपक्ष विधेयक को एक प्रवर समिति को भेजने की मांग कर रहा था। इसी दौरान हंगामा शुरू हुआ। जब सरकार ने हंगामे के बीच बिल पर चर्चा के लिए दबाव डाला हंगामा बढ़ गया। इसके बाद सदन को तुरंत स्थगित कर दिया गया।