नई दिल्ली. कांग्रेस ने विधानसभा और उपचुनाव से पहले रोहन गुप्ता को नया सोशल मीडिया हेड बनाया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी दिव्या स्पंदना राम्या के पास थी। आम चुनाव में पार्टी की हार के बाद राम्या ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। रोहन गुजरात विधानसभा चुनाव-2017 में सोशल मीडिया प्रमुख रह चुके हैं। वे वर्तमान में पार्टी के नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर हैं। रोहन अहमद पटेल के करीबी माने जाते हैं। नेशनल सोशल मीडिया हेड बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले Asianetnews Hindi को इंटरव्यू दिया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के सामने सोशल मीडिया को लेकर बड़ी चुनौतियां क्या हैं और उनसे किस तरह से निपटेंगे।  


 
सवाल- सोशल मीडिया पर बड़ी चुनौतियां कौन-कौन सी हैं, जिसपर सबसे पहले काम करना चाहेंगे?
जवाब-
सोशल मीडिया पर सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आज भाजपा ने लोगों को वास्तविक मुद्दों से अलग अपने भाषण और इमोशन पर लोगों को बांट दिया है। लोकतंत्र का इतना बुरा हाल है। बेरोजगारी छाई है लेकिन भाजपा इन मुद्दों पर चुप है। वास्तविक मुद्दों को डायवर्ट किया जा रहा है। हमारी कोशिश होगी कि उन मुद्दों को सोशल मीडिया के जरिए जनता के सामने लाएं। लोगों को सरकार की हकीकत दिखाएंगे।

सवाल- पूर्व सोशल मीडिया हेड दिव्या स्पंदना के काम में क्या कमी रह गई, जिसे आप पूरा करना चाहेंगे?
जवाब-
जिस तरह से प्रोपगेंडा मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। हाउडी मोदी जैसे कार्यक्रम में पैसा कहां से आ रहा है। पैसा तो लोगों का ही है। उस मनी पावर के सामने हमें हमारे वर्कर पावर का यूज करके उनको एक्सपोज करना होगा। एक बार वे एक्सपोज हो गए। जनता को सब मालूम है कोई काम नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर भाजपा के प्रोपगेंडा स्ट्रेटजी को फेल करना होगा।

सवाल- कांग्रेस आरोप लगाती रही है कि भाजपा फेक न्यूज का इस्तेमाल करती है। इससे निपटने की क्या रणनीति है? 
जवाब-
यह बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। भाजपा ने सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया है। फेक न्यूज डालकर लोगों का एक परसेप्शन बना दिया है। इनके प्रोपगेंडा के काउंटर में एक टीम के जरिए लोगों को उसकी वास्तविकता दिखाएंगे। फैक्ट्स और रियलिटी पर पूरे नेरेटिव को रखना है। गुजरात में आपने देखा होगा कि जब मैं वहां पर सोशल मीडिया हेड था। वहां पर रोज कुछ नया लेकर आते थे। वही गुजरात था जो भाजपा का गढ़ माना जाता था, वहां कांग्रेस थोड़ी सीट से चूक गई। कहीं न कहीं उसी स्ट्रेटजी से हमको काम करना है। भाजपा के प्रोपगेंडा को एक्सपोज करना पड़ेगा।

सवाल- ट्विटर पर राहुल गांधी के 10 मिलियन फॉलोअर्स हैं, मोदी के 50 मिलियन फॉलोअर्स हैं। इस गैप को कैसे भरेंगे?
जवाब-
जहां तक गैप भरने की बात है, जब प्रोपगेंडा पर ही पूरा काम हो रहा है। ऑल इस वेल इंडिया। सब अच्छा है। मन की बात में अपनी सफलताएं गिनाते हैं। क्या आपकी कोई विफलता नहीं। अपनी विफलता को स्वीकारिए। जैसे-जैसे इनके प्रोपगेंडा का नशा उतरेगा। जनता अपने आप हकीकत को देखने लगेगी। भाजपा का पेड प्रोफेशनल का पावर है, लेकिन कांग्रेस का वर्कर पावर है। राहुल गांधी जी हमेशा उसको बब्बर शेर बोलते हैं। अगर वर्कर का पावर एक्टिवेट हो गया तो भाजपा के पेड प्रोपगेंडा को एक्सपोज करने में समय नहीं लगेगा।

सवाल- फेक न्यूज को काउंटर करने के लिए क्या कोई अलग से सेल बनाएंगे?
जवाब-
अभी तो काफी चीजें होंगी। धीरे-धीरे करके। आप आने वाले दिनों में देखेंगे।

सवाल- कोई बड़ा मुद्दा आता है तो उसपर राहुल गांधी पर जोक्स और मीम्स बनना और वायरल होना शुरू हो जाते हैं। इसे दूर करने का क्या उपाय है?
जवाब-
जी बिल्कुल। यह भी प्रोपगेंडा का पार्ट है। भाजपा राहुल गांधी के वीडियो के क्लिप लेकर उसमें दूसरा जोड़कर वायरल करती है वह उनका प्रोपगेंडा है, क्योंकि वह नहीं करेंगे तो लोगों को सच दिखना चालू हो जाएगा। हाउडी मोदी नहीं करेंगे तो जनता को सरकार का सच मालूम चल जाएगा। हम भाजपा के किसी नेता को टारगेट नहीं करेंगे। हम अपनी लाइन लंबी करेंगे। हमारा स्ट्राइल भाजपा से ज्यादा एग्रेसिव होगा। चार महीने हुए हैं, लेकिन लोगों को मालूम चल गया है। लेकिन जब वोट की बात आती है तब लोग इमोशनल हो जाते हैं।