40 कारीगर, 8 महीने और 1.10 करोड़-क्या है श्री राम स्वर्ण धनुष की कहानी?
क्या आपने कभी 286 KG का सोने का धनुष देखा है? राउरकेला से अयोध्या के लिए रवाना हुआ श्रीराम स्वर्ण धनुष क्यों बना देशभर में चर्चा का केंद्र? 1 करोड़ से अधिक कीमत, 40 कारीगरों की 8 महीने की मेहनत और हज़ारों भक्तों का उत्साह-आख़िर इसके क्या है रहस्य?

आखिर क्या है श्री राम स्वर्ण धनुष और क्यों है यह इतना खास?
Ram Golden Bow Ayodhya: राउरकेला से अयोध्या के लिए रवाना हुआ 286 किलो वजनी श्री राम स्वर्ण धनुष इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोना, चांदी और पंचधातु से बना यह भव्य धनुष सिर्फ एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि सनातन धर्म की एकता और श्रद्धा का संदेश भी है। जैसे ही यह स्वर्ण धनुष राउरकेला की सड़कों से निकला, “जय श्री राम” और “जय जगन्नाथ” के नारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। हज़ारों राम भक्तों ने इस ऐतिहासिक यात्रा का स्वागत किया।
क्या है श्री राम स्वर्ण धनुष और क्यों है यह इतना खास?
यह श्री राम स्वर्ण धनुष तमिलनाडु के कांचीपुरम में 40 कुशल कारीगरों द्वारा लगभग 8 महीने की मेहनत से तैयार किया गया है। यह धनुष पंचधातु सोना, चांदी, जस्ता, लोहा और एल्यूमीनियम से बना है। इसकी लंबाई करीब 8 फीट, ऊंचाई 3 फीट और कुल वज़न 286 किलोग्राम है।
कितनी धातुओं से मिलकर बना है श्री राम स्वर्ण धनुष?
इसमें लगभग 986 ग्राम सोना और 2.5 किलोग्राम चांदी का उपयोग किया गया है। इसकी अनुमानित लागत 1.10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। राउरकेला से अयोध्या तक निकली श्री राम स्वर्ण धनुष यात्रा ने सनातन धर्म से जुड़े लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं को छू लिया है। यह पंचधातु धनुष न सिर्फ आस्था, बल्कि एकता और समर्पण का प्रतीक बन गया है।
राउरकेला से अयोध्या तक यात्रा का मकसद क्या है?
राउरकेला सनातन जागरण मंच के नेतृत्व में शुरू हुई यह यात्रा “श्री राम शरणम, सब कुछ छोड़कर, सनातनियों को एकजुट करना” के संकल्प के साथ निकली है। आयोजकों का कहना है कि यह स्वर्ण धनुष भगवान राम के प्रति श्रद्धा के साथ-साथ सनातन धर्म के मूल आदर्शों-एकता, त्याग और समर्पण का प्रतीक है।
यात्रा के दौरान क्यों उमड़ रही है भक्तों की भीड़?
स्वर्ण धनुष के प्रस्थान अवसर पर संबलपुरी नृत्य, भगवान राम के रूप में सजे एक बच्चे की प्रस्तुति और भजन-कीर्तन ने माहौल को भावुक बना दिया। सजे हुए ट्रेलर वाहन पर रखे धनुष को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालु फूल बरसा रहे हैं और दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं।
किन जिलों से होकर गुजरेगी श्री राम गोल्डन बो यात्रा?
यह यात्रा ओडिशा के कई जिलों सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, बौध, बरगढ़, बोलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट, रायगड़ा, ब्रह्मपुर, कटक, भुवनेश्वर समेत अनेक क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। 19 जनवरी को यह श्री जगन्नाथ धाम पुरी और 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचने वाली है।
क्या पहले भी ऐसे आयोजन कर चुका है सनातन जागरण मंच?
गौरतलब है कि सनातन जागरण मंच इससे पहले विशाल दीपक और विशाल लड्डू जैसे आयोजनों को लेकर भी सुर्खियों में रहा है। अब श्री राम स्वर्ण धनुष यात्रा ने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

