राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि संघ संपूर्ण समाज को संगठित करने का कार्य कर रहा है. संघ के स्वयंसेवक समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में एक राष्ट्र का विचार लेकर वहां के समाज के वर्ग को जागरूक करना, संगठित करना इस उद्देश्य से काम करते हैं.

नई दिल्ली : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( Rashtriya Swayamsevak Sangh) (आरएसएस) की तीन दिवसीय समन्वय बैठक आज खत्म हो गई। बैठक में पर्यावरण, परिवार जागरूकता और सामाजिक समरसता समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

संपूर्ण समाज को संगठित करने का कार्य कर रहा संघ
बैठक खत्म होने के बाद आरएसएस के वरिष्ठ नेता डॉ. मनमोहन वैद्य ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि संघ संपूर्ण समाज को संगठित करने का कार्य कर रहा है। संघ के स्वयंसेवक समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में एक राष्ट्र का विचार लेकर वहां के समाज के वर्ग को जागरूक करना, संगठित करना इस उद्देश्य से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत केंद्रित शिक्षा को लेकर एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि आध्यात्मिकता ही वास्तव में भारत की विशेषता है। भारत के इतिहास को ठीक से बताना चाहिए, जो नहीं बताया गया। उन्होंने पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक पर कहा कि यह गंभीर मामला है, जिसकी जांच हो रही है, यह देश के लिए ठीक नहीं हुआ है।

250 गुमनाम नायकों की कहानी समाज के समक्ष लाने का प्रयास हुआ
उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल पूर हो गए हैं. आजादी के अमृत महोत्सव के निमित्त वैचारिक संगठन कार्य कर रहे हैं। स्वतंत्रता केवल कुछ लोगों के कारण नहीं मिली। आजादी के लड़ाई में हजारों लोगों ने अहम भूमिका निभाई । आजादी के 250 ऐसे गुमनाम नायकों की कहानी समाज के समक्ष लाने का प्रयास हुआ है। संस्कार भारती द्वारा 75 नाटकों (ड्रामा) द्वारा स्वातंत्र्य का इतिहास, संघर्ष का इतिहास समाज के समक्ष पहुंचाने का प्रयत्न होगा। 

10 लाख कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया
सेवा कार्य करने वाले संगठनों ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत देशभर में विकास खंड स्तर तक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया था, लगभग 10 लाख कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि बैठक में 36 संगठनों के 216 कार्यकर्ता शामिल हुए. यह निर्णय लेने वाली बैठक नहीं है। 

एक लाख से अधिक युवा हर साल संघ से जुड़ रहे 

उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर के बाद शाखाएं बंद हुई थीं। अब पुनः शाखाएं शुरू हुई हैं। अक्तूबर 2019 के मुकाबले देखा जाए तो अक्तूबर 2021 तक 93 प्रतिशत स्थानों पर कार्य प्रारंभ हो चुका है, 95 प्रतिशत दैनिक शाखाएं पुनः शुरू हो चुकी हैं। इसी प्रकार 98 प्रतिशत साप्ताहिक मिलन व 97 प्रतिशत मासिक शाखाएं प्रारंभ हो चुके हैं। संघ कार्य निरंतर बढ़ रहा है, युवा भी काफी संख्या में आ रहे हैं। सीधे शाखा में तो युवा जुड़ ही रहे हैं, इसके अलावा 2017 से 2021 तक ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से प्रतिवर्ष 1 से 1. 25 लाख युवा संघ से जुड़ रहे हैं। देशभर में अभी 55,000 नित्य शाखाएं चल रहीं हैं। जिनमें 60% छात्रों/युवाओं की तथा 40% प्रौढ़/व्यवसायी शाखाएं हैं।