राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बांग्लादेश में हिंदू, बौद्ध अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार और हत्याओं पर गहरी चिंता जताई है। संघ ने भारत सरकार से हस्तक्षेप कर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

RSS on Bangladesh minority killings: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बांग्लादेश में हिंदू, बौद्ध अल्पंसख्यकों पर हो रहे अत्याचार और हत्याओं पर गहरी चिंता जताई है। संघ के राष्ट्रीय सरकार्यवाह दत्रात्रेय होसबाले ने कहा कि पड़ोसी राष्ट्र में हिंदू व अन्य अल्पसंख्यकों की टारगेटेड किलिंग असहनीय है। आरएसएस इसकी घोर निंदा करता है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से अपेक्षा है कि वह वहां के अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करे।

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संघ ने भारत सरकार से हस्तक्षेप कर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की

आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि विगत कुछ दिनों से बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के आंदोलन के दौरान हिंदू, बौद्ध तथा वहाँ के अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के साथ हो रही हिंसा की घटनाओं पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गंभीर चिंता व्यक्त करता है। बांग्लादेश में हिंदू तथा अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की लक्षित हत्या, लूटपाट, आगज़नी, महिलाओं के साथ जघन्य अपराध तथा मंदिर जैसे श्रद्धास्थानों पर हमले जैसी क्रूरता असहनीय है। आरएसएस इसकी घोर निंदा करता है। 

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से अपेक्षा है कि वह तुरंत सख़्ती से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाये और पीड़ितों के जान, माल व मान के रक्षा की समुचित व्यवस्था करे। इस गंभीर समय में विश्व समुदाय तथा भारत के सभी राजनीतिक दलों से भी अनुरोध है कि बांग्लादेश में प्रताड़ना के शिकार बने हिंदू, बौद्ध इत्यादि समुदायों के साथ एकजुट होकर खड़े हों।

दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि बांग्लादेश की परिस्थिति में एक पड़ोसी मित्र देश के नाते सुयोग्य भूमिका निभाने का प्रयास कर रही भारत सरकार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आग्रह करता है कि बांग्लादेश में हिंदू, बौद्ध आदि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु हरसंभव प्रयास करे।

बांग्लादेश में गुरुवार को अंतरिम सरकार का हुआ गठन

शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा और देश छोड़ने के बाद अंतरिम सरकार का गठन सेना की पहल पर किया गया। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने गुरुवार को अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ ली। कोटा आंदोलन और शेख हसीना को पद से हटाए जाने को लेकर बांग्लादेश में हुए आंदोलन से देश में राजनीतिक अस्थिरता आ गई थी। देशभर में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में चार सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पढ़िए पूरी खबर…