Pm Modi's Security Breach : भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि पीएम के काफिले के साथ चलने के लिए मुख्य सचिव और डीजीपी कर कारें भी रिजर्व थीं। लेकिन दोनों ही अधिकारी प्रधानमंत्री को लेने नहीं पहुंचे। इसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या राज्य के दोनों शीर्ष अधिकारियों को पता था कि क्या होने वाला है, इसीलिए उन्होंने पीएम को छोड़ने का फैसला किया। 

नई दिल्ली। पंजाब के हुसैनीवाला शहीद स्मारक जाते वक्त पीएम मोदी (PM Modi) के काफिले के सामने प्रदर्शनकारियों के आने के मामले में पंजाब सरकार (Punjab Government) के साथ ही आला अधिकारी भी निशाने पर हैं। दरअसल, पीएम के पंजाब दौरे के वक्त पंजाब के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी तीनों ने ही प्रोटोकॉल तोड़ा है। प्रोटोकॉल के मुताबिक प्रधानमंत्री किसी भी राज्य में जाते हैं तो वहां राज्य मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी उन्हें रिसीव करने पहुंचते हैं। लेकिन, पंजाब में प्रधानमंत्री मोदी की विजिट के दौरान न तो मुख्यमंत्री मौजूद थे और न ही राज्य के दोनों वरिष्ठ अधिकारी। 

भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि पीएम के काफिले के साथ चलने के लिए मुख्य सचिव और डीजीपी कर कारें भी रिजर्व थीं। लेकिन दोनों ही अधिकारी प्रधानमंत्री को लेने नहीं पहुंचे। इसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या राज्य के दोनों शीर्ष अधिकारियों को पता था कि क्या होने वाला है, इसीलिए उन्होंने पीएम को छोड़ने का फैसला किया। सवाल यह भी हैं कि पीएम के काफिले को सुरक्षा देने के लिए जब डीजीपी ने खुद पुष्टि की थी, तो आखिर यह सुरक्षा व्यवस्था उन्होंने लगाई कहां थी। क्या उन्हें नहीं पता था कि कितने प्रदर्शनकारी रास्ते में मौजूद हैं और इन्हें रोकने के लिए कितने बल की जरूरत होगी।

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क्या है मामला : बठिंडा से हुसैनीपुर जाते वक्त पीएम मोदी का काफिला एक फ्लाईओवर पर जाम में फंस गया था। दरअसल इस काफिले के आगे प्रदर्शनकारी आ गए थे। इस वजह से प्रधानमंत्री का काफिला 15 से 20 मिनट फ्लाइओवर पर फंसा रहा। करीब 20 मिनट तक पीएम यहां फंसे रहे, इसके बाद उनका काफिला वापस लौट गया। बठिंडा एयरपोर्ट लौटने के बाद पीएम मोदी ने वहां के अधिकारियों से कहा- अपने सीएम को धन्यवाद कहना, मैं भठिंडा एयरपोर्ट तक जिंदा लौट पाया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी किस रूट से निकलने वाले हैं, इसकी जानकारी भी सिर्फ पंजाब पुलिस को ही थी। ऐसे में उस रूट पर जाम नहीं लगने देने की जिम्मेदारी भी उसी की थी। लेकिन पंजाब पुलिस ने इसके बंदोबस्त नहीं किए। 

पहले कभी नहीं हुई ऐसी चूक 
माना जा रहा है कि पंजाब पुलिस और तथाकथित प्रदर्शनकारियों के बीच मिलीभगत रही होगी, वर्ना इतनी बड़ी चूक सामने नहीं आती। प्रधानमंत्री के काफिले के सामने ऐसे प्रदर्शनकारियों के आने की यह पहली घटना है, जिसमें पीएम को वापस लौटना पड़ा हो। हालांकि, पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का कहना है कि पीएम की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है। वे खुद देर रात तक पीएम के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे।

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