SMS Hospital Fire: जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई।जयपुर का सवाई मान सिंह अस्पताल राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल है, जहां पूरे राजस्थान से मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां कुल 24 मरीज भर्ती थे। 

SMS Hospital Fire: जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। अस्पताल में आग लगने से 7 मरीजों की मौत हो गई, जिनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं। यहां ट्रॉमा सेंटर और ICU में मिलाकर कुल 24 मरीज भर्ती थे, सभी की हालत गंभीर थी। जैसे ही आग लगी, मरीजों को तुरंत सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। आग में 11 मरीजों की हालत बहुत बिगड़ गई, जिनमें से 7 मरीजों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 की हालत बेहद नाजुक है। आग इतनी भीषण थी कि पूरा वार्ड जलकर खाक हो गया।लोगों के मन में अब सवाल है कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ और क्या कारण था जिससे इतनी बड़ी त्रासदी सामने आई।

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ICU स्टोर में शॉर्ट सर्किट

अस्पताल के अधिकारियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस हादसे की शुरुआत ICU स्टोर या उसके आसपास के क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट से हुई थी।

पुरानी बिजली की तारें

ICU में पुरानी और खराब हालत में बिजली की तारें लगी थीं। इसके कारण शॉर्ट सर्किट और अन्य बिजली से जुड़े खतरों का जोखिम बहुत बढ़ गया था। बताया जा रहा है कि यही वजह थी कि आग जैसी दुर्घटना इतनी जल्दी और गंभीर रूप में फैल गई।

अग्नि सुरक्षा सिस्टम की कमी

SMS अस्पताल में पहले से ही आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। अलार्म कम थे और इस हादसे के समय इमरजेंसी में मदद आने में भी देर हुई।

जमा सामानों की वजह से तेजी से फैली आग

बताया जा रहा है कि वहां कागज की वहां कागज की फाइलें, दवाईयां और ब्लड ट्यूब के सैंपल रखे हुए थे। ये जल्दी जल गए, जिससे आग तेजी से फैल गई और वार्ड में घना और जहरीला धुआं भर गया।

मरीजों की गंभीर स्थिति 

ICU में अधिकांश मरीज बेहोश थे या लाइफ सपोर्ट पर थे, इसलिए उन्हें जल्दी सुरक्षित जगह पर ले जाना बहुत मुश्किल था। साथ ही, मरीजों के परिजनों ने कहा कि अस्पताल का स्टाफ शुरुआती चेतावनियों को नजरअंदाज कर रहा था और मरीजों को समय पर बचाने में देरी हुई।

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अस्पताल के स्टाफ और गार्ड्स पर लापरवाही के गंभीर आरोप

इस घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कोशिश शुरू की। फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। आग लगते ही मरीजों और उनके परिजनों को बेड सहित बाहर शिफ्ट किया गया। अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई, और लोग अपने परिजनों की खबर जानने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। इस हादसे के बाद अस्पताल के स्टाफ और गार्ड्स पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। भरतपुर के रहने वाले शेरू ने बताया कि उनकी मां ICU वार्ड में भर्ती थीं। जब धुआं दिखना शुरू हुआ तो उन्होंने तुरंत स्टाफ को जानकारी दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।