Asianet News Hindi

वाह रे कांग्रेसः सोनिया-राहुल चाहते थे किसानों का भला करने जल्द लाया जाए कृषि कानून, अब उसी का कर रहे विरोध

कृषि कानूनों के विरोध के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में किसानों का प्रदर्शन जारी है। इसी बीच गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृषि कानूनों के विरोध में 2 करोड़ हस्ताक्षरों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपा। खास बात ये है कि राहुल गांधी जिन कृषि कानूनों को किसान विरोधी बता रहे उन्हीं का समर्थन करते पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी का वीडियो वायरल हो रही है।

Sonia Gandhi says Farmer can get right prices only when he sell without middlemen old video viral KPP
Author
New Delhi, First Published Dec 24, 2020, 6:55 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. कृषि कानूनों के विरोध के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में किसानों का प्रदर्शन जारी है। इसी बीच गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृषि कानूनों के विरोध में 2 करोड़ हस्ताक्षरों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपा। खास बात ये है कि राहुल गांधी जिन कृषि कानूनों को किसान विरोधी बता रहे उन्हीं का समर्थन करते पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी का वीडियो वायरल हो रही है। वीडियो में सोनिया गांधी किसानों को बिचौलिओं से मुक्ति दिलाने की बात कर रहीं,  तो वहीं, राहुल गांधी रिटेल में एफडीआई निवेश की बात कर रहे हैं।  

सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, उसमे वे कहते दिख रहे हैं कि, हिंदुस्तान में 60% सब्जी सड़ जाती है। हमने कहा, रिटेल में एफडीआई लाओ, जिससे किसान अपनी सब्जी डायरेक्ट बेच पाए। संसद ने इसे दबा दिया। क्योंकि वे किसान विरोधी हैं। 

ये भी पढ़ें:  ये कैसा पाखंडः कृषि बिलों के विरोधी कांग्रेस से पवार तक कभी इन्हें बता चुके हैं किसान हितैषी, ये रहा सबूत
 

मनमोहन सिंह ने भी एफडीआई को बताया किसानों के हित में
वहीं, वीडियो में मनमोहन सिंह ने कहा, रिटेल में विदेशी निवेश को अनुमति देने के हमारी सरकार के फैसले का काफी विरोध हुआ। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि रिटेल में एफडीआई का फैसला किसानों के हित में है। इससे आम जनता और किसानों दोनों को फायदा होगा। किसानों की फसल का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो जाता है, क्योंकि इनका स्टोरेज नहीं हो पाता। रिटेल में एफडीआई से यह समस्या खत्म हो सकती है। इससे किसान सीधे अपनी फसल को शहरों तक पहुंचा सकें। आम जनता को सब्जी और फल सस्ते दामों में मिल पाएंगे। 

"

ये भी पढ़ें: किसान आंदोलन से हर दिन 3,500 करोड़ रु. का नुकसान हो रहा है, एसोचैम ने कहा- अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा
               

वायरल वीडियो में सोनिया गांधी ने कहा, होता ये है कि किसानों की पैदावार सस्ते दामों में खरीदी जाती है। फिर इसे शहरों में महंगा बेचा जाता है। क्या किसानों का यह अधिकार नहीं है कि उनकी फसल अच्छी कीमत में बिके और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें उन्हें सस्ते दामों में मिले। यह तभी संभव होगा, जब किसान बिना बिचौलिए के अपनी फसलों को बाजार में बेच पाएंगे।

ये भी पढ़ें : किसान आंदोलन: जानिए पंजाब और हरियाणा के किसान क्यों हैं सड़कों पर; एमएसपी या कुछ और है वजह
               

कृषि कानूनों को लेकर अब क्या है कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस कृषि कानूनों का विरोध कर इन्हें किसान विरोधी बता रही है। राहुल से लेकर प्रियंका तक किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साध चुके हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में गुरुवार को कांग्रेस के तीन नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने संसद का संयुक्त सत्र बुलाकर कृषि कानूनों का वापस लेने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा, करोड़ों लोग कृषि से जुड़े हुए हैं, यही लोग देश की रीढ़ हैं। हमारा मानना है कि कृषि में सुधार होना चाहिए। लेकिन कृषि को तबाह कर दिया जाएगा, करोड़ों लोगों को पीड़ा का सामना करना पड़ेगा। इन कानूनों से किसानों को जबरदस्त नुकसान होगा। इससे सिर्फ चार पांच उद्योगपतियों को नुकसान होगा। 

ये भी पढ़ें : MSP, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पर भारत में विवाद, जानिए, सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाले देशों क्या है व्यवस्था

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios