देश के करीब 700 प्रतिष्ठित लोगों ने ऑनलाइन न्यूज पोर्टल न्यूज क्लिक के साथ एकजुटता दिखाई है। प्रतिष्ठित लोगों ने हस्ताक्षर सहित बयान जारी करके न्यूज क्लिक पोर्टल के साथ खड़े होने का संकल्प दिखाया है।

Solidarity With News Click. चाइनीज प्रोपेगंडा को लेकर विवादों में फंसे न्यूज क्लिक ऑनलाइन पोर्टल के साथ देश के करीब 700 प्रतिष्ठित लोगों ने एकजुटता दिखाई है। सभी लोगों ने हस्ताक्षर के साथ एकजुटता दिखाने वाला बयान जारी किया है। इनमें कई सीनियर पत्रकार, जन आंदोलनों से जुड़े लीडर्स, जज, वकील, शिक्षाविद, साइंटिस्ट, लेखक, कलाकार, फिल्म निर्माता, अभिनेता और संबंधित नागरिक शामिल हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

हस्ताक्षर करने वालों में यह लोग हैं शामिल

न्यूज क्लिक के साथ खड़े होने वालों में जॉन दयाल, एन राम, प्रेम शंकर झा, सिद्धार्थ वरदराजन और एम वेणु (संस्थापक संपादक द वायर) के अलावा सुधींद्र कुलकर्णी, पी. साईंनाथ, वैष्णा राय (संपादक, फ्रंटलाइन), प्रशांत भूषण, हर्ष मंदर, सैयदा हमीद, संजय हेगड़े, वेजवाड़ा विल्सन, अरूणा राय, जस्टिस के चंद्रू, कॉलिन गोसाल्वेस, के सच्चिदानंद, जेरी पिंटो, दामोदर मौजो, रोमिला थापर, सुमित सरकार, केएम श्रीमाली, तनिका सरकार, प्रभात पटनायक, उत्सा पटनायक, जयति घोष, सीपी चंद्रशेखर, जोया हसन, ज्यां द्रेज, रत्ना पाठक शाह, नसीरूद्दीन शाह, आनंद पटवर्धन सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हैं।

न्यूज क्लिक के साथ एकजुटता का बयान

न्यूज क्लिक के साथ एकजुटता वाले बयान में कहा गया है कि ऑनलाइन न्यूज पोर्टल न्यूज क्लिक और उसके संस्थापक और मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ न्यूयार्क टाइम्स में प्रकाशित कुछ बातों के आधार पर लगाए जा रहे झूठे आरोपों की हम निंदा करते हैं। न्यूयार्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट में यह आरोप नहीं लगाया गया है कि न्यूज क्लिक ने किसी कानून का उल्लंघन किया है। न्यूज क्लिक लगातार सरकारी नीतियों का देश के करोड़ों लोगों पर असर के बारे में सटीक लेख और वीडियो प्रकाशित करता है। उसका फोकस समाज के सबसे पीड़ित और शोषित तबकों, मजदूरों, किसानों के संघर्ष को उजागर करने में रहा है। न्यूज क्लिक ने उनकी पीड़ा और संकटमय जिंदगी को आवाज दी है। सामाजिक न्याय के लिए हुए आंदोलनों को पहचान दी है। इंटरनेशनल घटनाओं पर भी आलोचनात्म विश्लेषण करने वाले लेख व वीडियो प्रकाशित होता है।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला

आगे कहा गया है कि न्यूज क्लिक पर की जा रही हमलावर घेरेबंदी हमारे संविधान में दर्ज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर हमला है। किसी भी जनतंत्र में सरकार की नाकामियों के बारे में रीडर्स को बताने और सरकार को आगाह करने की भूमिका स्वतंत्र पत्रकारिता निभाती है, जिस पर हमला किया जा रहा है। देश की जनता को यह हक है कि अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए जरूरी जानकारी उसे मिले। इस हक को छीना जा रहा है। दुख की बात है कि कारपोरेट मीडिया के इस दौर में कारपोरेट दबदबे से मुक्त स्वतंत्र मीडिया के कुचल दिया जा रहा है। यह और भी ज्यादा खेदजनक है कि न्यूज क्लिक के खिलाफ जहरीला मीडिया ट्रायल चलाया जा रहा है, बावजूद इसके कि न्यूज क्लिक पर लगाए गए आरोपों के मामले कोर्ट में हैं।

क्या है न्यूज क्लिक पर लगे आरोप

न्यूज क्लिक पर आरोप है कि नियमों का उल्लंघन करके 38 करोड़ रुपए जुटाए थे। इससे पहले भारतीय एजेंसियों ने पाया था कि चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने, डिफेंस सिस्टम की जासूसी, भारत से चीन में मनी लांड्रिंग करने के लिए मोबाइल एप, गेम एप सहित कुछ फर्मों का भी उपयोग कर रहा है।

यह भी पढ़ें

Cabinet Decisions : डिजिटल इंडिया का विस्तार-इन शहरों में चलेंगी ई-बसें, जानें कैबिनेट मीटिंग में क्या-क्या फैसला हुआ?