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मस्जिद में इकट्ठा होकर नमाज पढ़ रहे थे, पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो उन्हें पत्थर से मारा, भागकर बचाई जान

पुलिस को जानकारी मिली थी कि अलीगढ़ के बन्नादेवी में एक मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए लोग इकट्ठा हो रहे हैं। बन्नादेवी के सर्कल ऑफिसर पंकज श्रीवास्तव उन्हें समझाने के लिए पहुंचे। 

Stones thrown at police during Namaz reading in Aligarh Uttar Pradesh kpn
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New Delhi, First Published Apr 3, 2020, 2:33 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसे रोकने की बजाय लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इंदौर और बेंगलुरु में स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट के बाद अब उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ में पुलिस पर हमला किया गया है। अलीगढ़ में एक मस्जिद में नमाज पढ़ी जा रही थी। झुंड बनाकर लोग इकट्ठा थे। उन्हें समझाने के लिए पुलिस गई तो उनपर ही पत्थर फेंकने लगे। किसी तरह से पुलिस वहां से जान बचाकर भागी। अब इस मामले में दोषियों पर एक्शन लेने की तैयारी की जा रही है। 

पुलिस की खबर मिली, लोग इकट्ठा होकर नमाज पढ़ रहे हैं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को जानकारी मिली थी कि अलीगढ़ के बन्नादेवी में एक मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए लोग इकट्ठा हो रहे हैं। बन्नादेवी के सर्कल ऑफिसर पंकज श्रीवास्तव उन्हें समझाने के लिए पहुंचे। 

पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने इन लोगों को लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का हवाला देकर समझाया कि एक जगह पर इकट्ठा न हो। इससे कोरोना के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। इतने में ही उनपर पत्थर फेंके जाने लगे। इस मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। 

दोषियों पर योगी सरकार लगाएगी एनएसए
यूपी सरकार ने निर्देश दिया है कि​ क्वारंटाइन में रखे गए तब्लीगी जमात कार्यक्रम में शामिल लोगों के इलाज और सुरक्षा में महिला स्वास्थ्यकर्मी और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात नहीं किया जाएगा। एमएमजी अस्पताल स्टाफ ने कार्यक्रम में शामिल लोगों के नर्सों के साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायत की थी। योगी आदित्यनाथ ने कहा, ये ना कानून को मानेंगे, ना व्यवस्था को मानेंगे, ये मानवता के दुश्मन हैं। जो इन्होंने महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किया है वो जघन्य अपराध है। इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया जा रहा है। हम इन्हें छोड़ेंगे नहीं। 

इंदौर के स्वास्थ्यकर्मियों पर पत्थर फेंके गए 
मध्य प्रदेश के शहर इंदौर के टाटपट्टी बाखल में बुधवार कोरोना संक्रमितों की जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पथराव किया गया। स्वास्थ्यकर्मी वहां से जान बचाकर भागे। पुलिस ने पत्थर फेंकने वाले आरोपियों पर एक्शन लिया है। हमला करने वालों पर राज्य सरकार रासुका के तहत कार्रवाई करेगी। शिवराज ने कहा कि ऐसा करने वाले लोग इंसान नहीं, इंसानियत के दुश्मन हैं। हम इन्हें सख्त सजा देंगे।  

बेंगलुरु में स्वास्थ्यकर्मी को 50 लोगों ने घेर लिया
इंदौर के बाद बेंगलुरु में भी स्वास्थ्यकर्मी पर हमला हुआ। कृष्णावेणी नाम की आशा स्वास्थ्यकर्मी ने बताया, इलाके में एक पॉजिटिव केस आने के बाद हम पिछले 14 दिनों से सर्वे कर रहे थे। तभी अचानक कोई आया और पूछने लगा​ कि आप ये जानकारियां क्यों ले रहे हैं? हमने बताया कि एक पॉजिटिव केस है। उन्होंने हमें सारी जानकारियां देने को कहा। इसके बाद उन्होंने मस्जिद में घोषणा की कि कोई जानकारी मत देना। उसके बाद वो सभी घरों से बाहर आए और मुझ पर हमला किया, मेरा बैग और मोबाइल छीन लिया। वहां 50 से ज्यादा लोगों ने घेर लिया। इस मामले में पुलिस ने एक्शन लेते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। 

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