दिल्ली सरकार की ओर से मंत्री आतिशी को ध्वजारोहण की अनुमति देने की केजरीवाल की मांग को उपराज्यपाल ने ठुकरा दिया था।

दिल्ली: स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पहली बार दिल्ली मुख्यमंत्री के आवास पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया, यह दुखद है। यह कहना है मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल का। केजरीवाल के जेल में बंद होने पर सुनीता केजरीवाल ने यह प्रतिक्रिया दी है।

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चुने हुए मुख्यमंत्री को जेल में डालकर तानाशाही भले ही खुश हो रही हो, लेकिन दिल में देशप्रेम को कैसे रोकेगी? यह सवाल सुनीता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उठाया। दिल्ली सरकार की ओर से मंत्री आतिशी को ध्वजारोहण की अनुमति देने की केजरीवाल की मांग को उपराज्यपाल ने ठुकरा दिया था। मंत्री कैलाश गहलोत ने आधिकारिक कार्यक्रम में उपराज्यपाल के निर्देश पर ध्वजारोहण किया। अपने भाषण में कैलाश गहलोत ने कहा कि उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और केजरीवाल जल्द ही जेल से बाहर आएंगे और राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। 

मंत्री आतिशी ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि एक चुने हुए मुख्यमंत्री को झूठे केस में फंसाकर महीनों तक जेल में रखा जाएगा। इस स्वतंत्रता दिवस पर, हम सबको शपथ लेनी चाहिए कि हम तानाशाही के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ेंगे। 

सीबीआई मामले में गिरफ्तार केजरीवाल अभी भी तिहाड़ जेल में बंद हैं। अगले हफ्ते केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

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