सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक सर्कुलर में यूनियन ऑफ भारत लिखा कर राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है।

Bharat Vs India: देश में एक बार फिर इंडिया बनाम भारत को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। जी20 समिट के बाद एक बार फिर अब सुप्रीम कोर्ट ने इंडिया की बजाय भारत शब्द का उपयोग किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक सर्कुलर में यूनियन ऑफ भारत लिखकर राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है।

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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अधिवक्ताओं को दिए गए एक सर्कुलर में, 31 जनवरी 2024 की केस सूची में सभी अदालतों के समक्ष सूचीबद्ध मामलों में स्थगन की मांग न करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन जिस बात ने पाठकों का ध्यान खींचा वह भारत संघ का उल्लेख था। सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन ऑफ इंडिया की बजाय यूनियन ऑफ भारत लिखा है।

संविधान के अनुच्छेद 1 में क्या है उल्लेख

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 में कहा गया है, "भारत, जो कि भारत है, राज्यों का एक संघ होगा।" अनुच्छेद 1 भारत की एकता को रेखांकित करता है। लेख स्पष्ट रूप से घोषित करता है कि देश में शामिल सभी विभिन्न संस्थाएं भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को संरक्षित करते हुए एक राष्ट्र के रूप में एक साथ आएंगी। यह एकता देश में शांति, स्थिरता और समग्र प्रगति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

जी20 में मचा था बवाल

बीते साल देश की विपक्षी पार्टियों ने एक संयुक्त मंच तैयार किया था। बीजेपी व एनडीए से मुकाबला करने के लिए लोकसभा 2024 के चुनाव के लिए तैयार किए गए गठबंधन को India नाम दिया गया था। इसके बाद मोदी सरकार ने कई जगह देश के नाम को इंडिया की बजाय भारत लिखकर एक नई बहस छेड़ दी थी। देश में हुए जी20 समिट के दौरान मेहमानों को राष्ट्रपति की ओर से डिनर के लिए भेजे गए इनविटेशन में प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की बजाय प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा था। इसको लेकर काफी बहसबाजी हुई थी। इस दौरान शुरू हुए विवाद में यह आरोप लगे थे कि केंद्र सरकार देश का नाम बदलकर भारत करने जा रही है।

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