सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वो टिकटॉक की पैरवी करते हुए भारत सरकार के खिलाफ दलीलें नहीं देंगे। हाल ही में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनको जो भी कहना था, वो कोर्ट के सामने कह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कुछ भी नहीं कहा।

नई दिल्ली. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीन की चालबाजी के खिलाफ देश में गुस्सा बरकरार है। जनता की गुस्से को देखते हुए और सुरक्षा को मद्देनजर सोमवार को सरकार ने 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया। चीनी कंपनियों के खिलाफ जनता-सरकार की मुहिम के बाद अब पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में टिक टॉक कंपनी की पैरवी करने से साफ तौर से इनकार कर दिया है।

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मुकुल रोहतगी ने कही ये बात

सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वो टिकटॉक की पैरवी करते हुए भारत सरकार के खिलाफ दलीलें नहीं देंगे। हाल ही में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनको जो भी कहना था, वो कोर्ट के सामने कह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। गौरतलब है कि देश की सुरक्षा पर खतरे वाले चीनी ऐप्स पर मोदी सरकार ने एक्शन शुरु कर दिया है। टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप्स पर सोमवार रात बैन लगा दिया गया है। चीन के 59 ऐप्स में टिकटॉक भी शामिल है, उस पर पाबंदी लग चुकी है। बैन के बाद सभी ऐप का डेटा अगले एक-दो दिन में रोक दिया जाएगा।

बता दें कि ये प्रतिबंध अंतरिम है। अब मामला एक समिति के पास जाएगा। प्रतिबंधित ऐप समिति के सामने अपना पक्ष रख सकती हैं। इसके बाद समिति तय करेगी कि प्रतिबंध जारी रखा जाए या हटा दिया जाए। फिलहाल, ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर स्टोर से हटा दिया गया है। इनसे जुड़े अपडेट भी नहीं मिलेंगे। मोदी सरकार के फैसले के बाद टिक टॉक की तरफ से सफाई दी गई थी। उसने कहा है कि सरकार के आदेश का पालन किया जा रहा है, लेकिन उसकी तरफ से किसी भी भारतीय यूजर की जानकारी किसी भी दूसरे देश के साथ शेयर नहीं की गई है, यहां तक कि चीन के साथ भी नहीं।