संसद में NEET Protest को लेकर जबरदस्त घमासान मच गया। CJP समर्थकों पर लाठीचार्ज के बाद अखिलेश यादव के तीखे सवालों से कांपा सदन; क्या इस हंगामे के पीछे है कोई बड़ी विदेशी साजिश?
नई दिल्ली: संसद का मॉनसून सत्र इस समय एक अभूतपूर्व सियासी अखाड़े में तब्दील हो चुका है। नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की गूंज अब देश की सबसे बड़ी पंचायत की दीवारों को हिला रही है। बुधवार की सुबह जब संसद की कार्यवाही शुरू हुई, तो नजारा देखने लायक था। राहुल गांधी समेत समूचा विपक्ष काले कपड़े पहनकर सदन में दाखिल हुआ, जो इस बात का स्पष्ट संकेत था कि वे सरकार को घेरने के लिए आर-पार के मूड में हैं। हंगामे और तल्ख बयानों के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा, जिससे यह साफ हो गया है कि यह विवाद आसानी से थमने वाला नहीं है।
बेटियों के कपड़े फाड़े? अखिलेश यादव के तीखे वार से सन्नाटे में सत्तापक्ष
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर पुलिस की कार्यशैली और सरकार की मंशा पर बेहद गंभीर और रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में पूछा, "आखिर पुलिस को हमारी बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया?" अखिलेश ने जोर देकर कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य का संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब पीएम संसद परिसर के बाहर मीडिया के सामने बड़े-बड़े बयान दे सकते हैं, तो वे इस महा-विवाद पर सदन के भीतर आकर जवाब देने से क्यों कतरा रहे हैं?

'पहले इस्तीफा, फिर चर्चा': खड़गे और वेणुगोपाल की वो जिद जिसने ठप की संसद
सदन के भीतर गतिरोध तब और गहरा गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार के सामने एक ऐसी शर्त रख दी, जिसने चर्चा के सारे रास्ते फिलहाल बंद कर दिए हैं। कांग्रेस सांसदों का साफ कहना है कि विपक्ष किसी भी चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन उसकी पहली और गैर-परक्राम्य (Non-negotiable) मांग यह है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का आश्वासन दें, उसके बाद ही सदन में कोई सार्थक बातचीत होगी। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार नियमों के तहत NEET और परीक्षा सुधारों पर विस्तृत चर्चा की पेशकश कर रही है, लेकिन विपक्ष केवल राजनीतिक तमाशा खड़ा करना चाहता है।

नेताओं की सीक्रेट मीटिंग और निशिकांत दुबे का 'विदेशी ताकतों' वाला सनसनीखेज दावा
सदन में जारी इस घमासान के बीच पर्दे के पीछे भी भारी हलचल देखी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद भवन में एक विशेष मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सभी दलों की एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह कर रही है ताकि नियम और तारीख तय की जा सके। लेकिन इस बीच, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक ऐसा बयान दे दिया जिसने इस पूरे विवाद में एक नया और खतरनाक सस्पेंस पैदा कर दिया है। दुबे ने राहुल गांधी के पीएम आवास घेराव पर हमला बोलते हुए दावा किया कि जंतर-मंतर पर हो रहे इस हिंसक प्रदर्शन को बांग्लादेश, पाकिस्तान और कुछ अन्य इस्लामिक देशों से परोक्ष समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे देशविरोधी तत्वों के साथ खड़ी होकर भारत को तोड़ने की एक बहुत बड़ी साजिश का हिस्सा बन रही है।
क्या है NEET विवाद का पूरा सच? 4 सुलगते सवालों के घेरे में NTA
इस पूरे सियासी बवंडर के केंद्र में वह परीक्षा प्रणाली है जिस पर देश के 20 लाख छात्रों का भविष्य टिका है। 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा के बाद पेपर लीक के जो आरोप लगे, वे अब सीबीआई (CBI) की फाइलों में तब्दील हो चुके हैं। सीबीआई जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञों, जैसे केमिस्ट्री एक्सपर्ट पी.वी. कुलकर्णी और बायोलॉजी एक्सपर्ट मनीषा मंधारे ने पुणे में कुछ चुनिंदा छात्रों को मोटी रकम के बदले परीक्षा से पहले ही प्रश्न और उत्तर मुहैया करा दिए थे। मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। विपक्ष का आरोप है कि इतनी बड़ी विफलता के बाद शिक्षा मंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, जबकि सरकार का तर्क है कि त्वरित कार्रवाई और जांच जारी होने के कारण इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता।

आखिर क्या है पूरा NEET पेपर लीक विवाद?
सरकार के अनुसार, NEET-UG 2026 परीक्षा के बाद पेपर लीक की शिकायतें मिलने पर शिक्षा मंत्रालय ने मामला CBI को सौंप दिया। जांच एजेंसी ने एफआईआर दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में प्रश्नपत्र लीक करने और छात्रों तक संभावित प्रश्न पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं। कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। वहीं विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता बनाए रखने में गंभीर चूक हुई, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।
जेपी नड्डा बोले- सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार, विपक्ष कर रहा लोकतंत्र का अपमान
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में INDI गठबंधन पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार NEET पेपर लीक समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष गैर-जिम्मेदाराना और जन-विरोधी राजनीति कर रहा है।
हंगामे की भेंट चढ़ी संसद की कार्यवाही
लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों में स्थगित करनी पड़ी। बाद में सदन दोबारा चला, लेकिन हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही फिर स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी यही स्थिति देखने को मिली।
अब सबसे बड़ा सवाल-समाधान या सियासी टकराव?
सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, जबकि विपक्ष इस्तीफे को पहली शर्त बता रहा है। ऐसे में NEET पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा या शिक्षा व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह संसद के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच एक बड़े राजनीतिक टकराव का केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या संसद में इस मुद्दे पर सार्थक बहस हो पाती है या राजनीतिक गतिरोध और गहराता है।
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