सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की तारीख तय करने के साथ यह कहा कि कानून में यह साफ है कि नॉमिनेटेड मेंबर्स को मेयर चुनाव में वोटिंग का कोई अधिकार नहीं है।

Delhi Mayor polls case: दिल्ली मेयर चुनाव को लेकर छिड़े रार के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की तारीख तय करने के साथ यह कहा कि कानून में यह साफ है कि नॉमिनेटेड मेंबर्स को मेयर चुनाव में वोटिंग का कोई अधिकार नहीं है।

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दरअसल, दिल्ली में एमसीडी चुनाव बीते दो महीना से अधिक समय होने के बाद भी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं हो सका है। तीन-तीन बार चुनाव के लिए डेट तय हुआ लेकिन मीटिंग के दौरान आम आदमी पार्टी और बीजेपी पार्षदों के बीच हंगामा की वजह से बार-बार चुनाव स्थगित करना पड़ा है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि उप राज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा मनोनीत पार्षदों को बीजेपी के पक्ष में वोट कराया जाएगा। इसको लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।

7 दिसंबर को आया था रिजल्ट

गौरतलब है कि दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए 4 दिसंबर 2022 को मतदान हुआ था और 7 दिसंबर 2022 को रिजल्ट आए थे। 250 सीटों पर हुए चुनाव में आप ने 134 सीटें जीती हैं। वहीं, भाजपा को सिर्फ 104 सीटें मिली हैं। आप ने शैली ओबेरॉय को मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। वहीं, बीजेपी की ओर से रेखा गुप्ता मेयर पद की प्रत्याशी हैं।

अब तक तीन बार हुई बैठक

मेयर, डिप्टी मेयर और निकाय की स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव किए सदन की पहली बैठक 6 जनवरी को हुई थी। भाजपा और आप के सदस्यों के बीच तीखी नोक-झोंक, धक्का मुक्की और हंगामे के चलते बैठक स्थगित कर दिया गया था। 24 जनवरी को दूसरी बैठक हुई थी। इस दिन शपथ ग्रहण समारोह के बाद बैठक स्थगित कर दिया गया था। 6 फरवरी को सदन की तीसरी बैठक हुई थी लेकिन उसे भी स्थगित कर दिया गया था।