तमिलनाडु के एक कॉलेज ने छात्रों को सनातन धर्म के खिलाफ बोलने के लिए कार्यशाला में बुलाया। इस मामले को लेकर बवाल होने पर कॉलेज ने आदेश वापस ले लिया है।

चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवरुर जिले के एक सरकारी कॉलेज ने छात्रों को सनातन धर्म के खिलाफ बोलने के लिए एक कार्यशाला में बुलाया था। मामला प्रकाश में आया तो बवाल मच गया। भारी विरोध को देखते हुए कॉलेज को अपना आदेश वापस लेना पड़ा।

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सनातन धर्म के खिलाफ कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे इस कॉलेज का नाम तिरु. वी.आई. का. गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज है। कार्यशाला 15 सितंबर को पूर्व सीएम अरिग्नार अन्ना की जयंती के अवसर पर डीएमके द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कार्यशाला में छात्रों के हिस्सा लेने के लिए 12-13 सितंबर को कॉलेज ने सर्कुलर जारी किया था। इसके चलते सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई तो कॉलेज ने 14 सितंबर को सर्कुलर वापस ले लिया।

इस बीच, भाजपा नेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कॉलेज और डीएमके की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि I.N.D.I.A गठबंधन का सदस्य DMK राज्य के भीतर हिंदूफोबिया को बढ़ावा दे रहा है।

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राज्यवर्धन सिंह बोले- अपनाया जा रहा हिटलर का मॉडल

राज्यवर्धन सिंह ने ट्वीट किया, "आई.एन.डी.आई.एलायंस के सदस्य डीएमके तमिलनाडु को हिंदूफोबिया का केंद्र बना रहे हैं। तमिलनाडु के तिरुवरुर में एक सरकारी कॉलेज ने एक परिपत्र जारी किया। इसमें छात्रों से सनातन धर्म को खत्म करने के बारे में भाषण तैयार करने के लिए कहा गया।”

राज्यवर्धन ने कहा, "यह हिंदू-विरोधी विचारधारा एडोल्फ हिटलर के नाजीवाद द्वारा यहूदियों को बदनाम करने और उनके नरसंहार को सामान्य बनाने के लिए अपनाए गए सटीक मॉडल से मिलती जुलती है। ये सिर्फ आक्रोश का मामला नहीं है। यह उससे कहीं आगे है। सोशल मीडिया पर आक्रोश के बाद सर्कुलर रद्द कर दिया गया है।"

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