हाईवे लुटेरों के गिरोह ने टमाटर लगा एक ट्रक लूट लिया। ट्रक पर 2.5 टन टमाटर लोड था, जिसकी कीमत करीब 2.5 लाख रुपए थी। पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है।

बेंगलुरु। टमाटर की कीमत इतनी बढ़ गई है कि सोने-चांदी की तरह इसकी लूट होने लगी है। कर्नाटक से ऐसी ही एक घटना सामने आई है। पुलिस ने तमिलनाडु के वेल्लोर जिले से पति-पत्नी को टमाटर लदा ट्रक लूटने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पति की पहचान 28 साल के भास्कर और पत्नी की पहचान 26 साल की सिंधुजा के रूप में हुई है। इन्होंने 2.5 टन टमाटर लदा ट्रक लूट लिया था। पति-पत्नी हाईवे पर लूट करने वाले आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए हैं।

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लूट की घटना 8 जुलाई को हुई थी। चित्रदुर्ग जिले के हिरियुर में रहने वाले किसान मल्लेश अपने खेत में उपजे टमाटर को ट्रक में लोड कर बेचने के लिए कोलार बाजार जा रहे थे। इसी दौरान कार सवार आरोपी पति-पत्नी ने उन्हें रोका और दावा किया कि ट्रक की टक्कर लगने से उनकी कार को नुकसान हुआ है। आरोपियों ने नुकसान की भरपाई के लिए मोटी रकम डिमांड की। मल्लेश ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद लुटेरों के गिरोह ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें ट्रक के साथ अगवा कर लिया। मल्लेश को लुटेरों को ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद उन्हें देवनहल्ली के पास ट्रक से बाहर धकेल दिया गया।

ट्रक चेन्नई ले जाकर बेंच दिए टमाटर

गिरोह के अपराधी ट्रक को लेकर फरार हो गए। वे ट्रक चेन्नई ले गए और टमाटर बेच दिए। इसके बाद बेंगलुरु के पीन्या के पास ट्रक को छोड़ दिया और बिना नंबर वाली गाड़ी में सवार होकर भाग गए। किसान द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद बेंगलुरु पुलिस एक्शन में आई। आरएमसी यार्ड पुलिस ने ट्रक के मूवमेंट को ट्रैक किया। इसके साथ ही लुटेरों की कुडली भी खंगाली। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पति-पत्नी की पहचान की गई। 

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पुलिस टीम ने आरोपी को तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के वानियमबाड़ी शहर के पास से गिरफ्तार किया। तीन अन्य संदिग्ध रॉकी, कुमार और महेश अभी भी फरार हैं। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चला रही है। लूटे गए टमाटर की कीमत करीब 2.5 लाख रुपए थी। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 364ए (अपहरण या अपहरण) और 392 (डकैती के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया था।