जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में बुधवार को आतंकियों ने बीएसएफ पार्टी पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आतंकी बाइक से आए थे। हमले में दो जवान शहीद बताए जा रहे हैं। इसके अलावा आतंकी दो हथियार भी लूट ले गए।

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में बुधवार को आतंकियों ने बीएसएफ पार्टी पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आतंकी 2-3 बाइकों से आए थे। हमले में दो जवान शहीद हुए हैं। इसके अलावा आतंकी दो हथियार भी लूट ले गए। मई में अब तक चार मुठभेड़ों या हमलों में 11 जवान शहीद हुए हैं। 2 मई को हंदवाडा में 5 जवान शहीद हुए थे। इसके अगले दिन कुपवाड़ा में तीन जवानों ने जान गंवा दी थी। वहीं, एक जवान मंगलवार को शहीद हुआ था। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने श्रीनगर के पंडाच में बीएसएफ नाके पर हमला किया। इस हमले में 2 जवान जख्मी हुए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। 

Scroll to load tweet…

सुरक्षाबलों ने 2 हफ्तों में 4 बड़े आतंकी किए ढेर
कश्मीर में लॉकडाउन के बाद से आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं। हालांकि, सुरक्षाबल आतंकियों की हर कोशिश का जवाब दे रहे हैं। 13 दिन में सेना ने 3 बड़े आतंकियों को ढेर किया है। सुरक्षाबलों ने 6 मई को हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर रियाज नायकू को ढेर कर दिया था। उसके ऊपर 12 लाख रुपए का इनाम था। इसके बाद 16 मई को सुरक्षाबलों ने डोडा में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी ताहिर को मार गिराया था। 

इससे पहले मंगलवार यानी 19 मई को ही सुरक्षाबलों ने श्रीनगर में हिजबुल मुजाहिदीन के 2 आतंकियों को ढेर कर दिया। इनमें से एक आतंकी जुनैद सहराई था, जो अलगाववादी संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत प्रमुख मोहम्मद अशरफ सहराई का बेटा था।

2 मई को हंदवाडा में हुआ था बड़ा हमला
जम्मू-कश्मीर के हंदवाडा में 2 मई को मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। इस ऑपरेशन में दो आतंकी भी मारे गए थे। इसके अगले दिन कुपवाड़ा में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें सीआरपीएफ के 3 जवान शहीद हो गए थे और 7 घायल हुए थे। इस दौरान एक आतंकवादी भी मारा गया था।

जनवरी से लेकर अप्रैल तक 62 आतंकी मारे गए
इस साल जनवरी से अप्रैल तक जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में हुई मुठभेड़ में 62 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं। अप्रैल में सबसे ज्यादा 28 आतंकी ढेर हुए थे। लॉकडाउन के दौरान आतंकियों की ओर से सीमा पार से लगातार घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं।