तय समयसीमा खत्म होने से पहले सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट की घोषणा कर दी है। इस ट्रस्ट में कुल 15 लोग शामिल होंगे। जो अलग-अलग पृष्ठभूमि से होंगे। 

नई दिल्ली. तय समयसीमा खत्म होने से पहले सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट की घोषणा कर दी है। इस ट्रस्ट में कुल 15 लोग शामिल होंगे। जो अलग-अलग पृष्ठभूमि से होंगे। हिंदी न्यूज वेबसाइट दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार हिंदू पक्ष के वकील रहे पाराशरण को इस ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया जा सकता है। ट्रस्ट का पता भी उनके घर के पते पर ही लिखा गया है। दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में पाराशरण का घर ही ट्रस्ट का स्थायी पता है। पाराशरण ने सर्वोच्च न्यायलय में विवादित भूमि में राम मंदिर बनाने के पक्ष में अपने तर्क रखे थे। 

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प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में जब ट्रस्ट की घोषणा की तो चारो तरफ तालियां बज उठी। इस ट्रस्ट में कुल 15 लोगों को शामिल किया गया है। जिसमें से 10 लोगों को या तो सरकार ने चुना है या उनके चुने जाने के लिए निश्चित मापदंड तय किए हैं, जबकि बाकी 5 सदस्यों को पहले से चुने हुए सदस्य चुनेंगे। इस ट्रस्ट में एक दलित समाज के व्यक्ति का होना भी जरूरी है। 

ये होंगे 15 सदस्य 

1. के पाराशरण- सु्प्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष की पैरवी की। 9 साल तक राम मंदिर के पक्ष में केस लड़ा और पद्म भूषण, पद्म विभूषण से सम्मानित। 

2. जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वतीजी महाराज- बद्रीनाथ ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य। 

3.स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज- पेजावर मठ के 33वें पीठाधीश्वर। एक महीने पहले ही पदभार संभाला। 

4. परमानंद जी महाराज- हरिद्वार अखंड आश्रम के प्रमुख। इनकी 150 से ज्यादा किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। 

5. गोविंद देव गिरि जी महाराज- रामायण महाभारत जैसे पौराणिक ग्रंथों का भारत और भारत के बाहर भी प्रवचन करते हैं। 

6. विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा- आयोध्या के राजा के वंशज। 2009 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, पर हार के बाद कभी राजनीति में वापसी नहीं की। 

7. डॉ. अनिल मिश्र- पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर, फिलहाल संघ के अवध प्रांत के कार्यवाहक हैं। 

8. कामेश्वर चौपाल- पहले कारसेवक का दर्जा प्राप्त, राम मंदिर शिलान्यास की पहली ईंट रखी। दलित होने के नाते यह मौका मिला।

9. पहले से चुने गए 10 सदस्यों द्वारा नामित कोई हिंदू। 

10.पहले से चुने गए 10 सदस्यों द्वारा नामित कोई हिंदू। 

11.महंत दिनेंद्र दास- निर्मोही अखाड़े के अयोध्या बैठक के प्रमुख। इन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं होगा। 

12. एक IAS अफसर जिसे केन्द्र सरकार नामित करेगी। 

13. एक IAS अफसर जो कि हिंदू धर्म का होगा और राज्य सरकार इसे नामित करेगी। 

14. अयोध्या के कलेक्टर- अगर अयोध्या के कलेक्टर हिंदू धर्म के नहीं होंगे तो कोइ एडिशनल अफसर यह जिम्मेदारी संभालेगा। 

15. ट्रस्टियों का बोर्ड ही इस सदस्य की भी नियुक्ति करेगा। इसके लिए भी हिंदू होना जरूरी।

राम मंदिर बनाने में आने वाली रुकावटों को दूर करने और मंदिर बनने के साथ-साथ उसके आस पास पार्किंग, गौशाला और म्यूजियम जैसी सुविधाओं के निर्माण के लिए यह ट्रस्ट बनाया गया है।