त्रिपुरा के उनाकोटि में जगन्नाथ रथयात्रा (Tripur Jagannath Rath Yatra) के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। इस दुर्घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।

Tripura Jagannath Rath Yatra. त्रिपुरा में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। वहां हाईटेंशन तार की चपेट में आने की वजह से करीब 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि डेढ़ दर्जन लोगों के घायल होने की सूचना है। सभी घायलों को स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वहीं, सोशल मीडिया पर मरने वालों की संख्या बढ़ाकर बताई जा रही है लेकिन इनकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

त्रिपुरा के उन्नकोटि में हुआ हादसा

स्थानीय पुलिस की मानें तो यह हादसा त्रिपुरा के इस्कॉन मंदिर की तरफ से निकाली जा रही यात्रा के दौरान हुआ है। इस्कॉन टेंपल द्वारा उल्टा रथायात्रा उत्सव मनाया जाता है और इसी यात्रा के दौरान शाम करीब 4.30 बजे यह हादसा हुआ है। उस वक्त डेवोटीज लोहे से बने हुए रथ को खींच रहे थे, तभी यह रथ 113केवीए हाईटेंशन तार से टकरा गया और लोग बिजली की चपेट में आ गए। स्थानीय पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिरकार लोहे का रथ ऊपर से गुजरने वाले हाईटेंशन तार की चपेट में कैसे आ गया।

एक सप्ताह बाद निकलती है उल्टी रथयात्रा

रिपोर्ट्स के अनुसार यह मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के एक हफ्ते के बाद उल्टी रथयात्रा निकाली जाती है। इसमें भगवान जगन्नाथ के रथ को पीछे से खींचने की परंपरा है। उस वक्त भगवान जगन्नाथ और बलभद्र के साथ बहन सुभद्रा भी रथ पर सवार रहती हैं। त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने ट्वीट किया कि हादसे पर बेहद दुख है। उन्होंने कहा कि कई तीर्थयात्रियों की जान चली गई है। कई लोग घायल भी हैं। सीएम ने लिखा कि वे इस हादसे से बेहद दुखी हैं। इस मुश्किल समय में राज्य की सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है।

Scroll to load tweet…

त्रिपुरा रथायात्रा हादसे की जांच के आदेश जारी

त्रिपुरा के ऊर्जा मंत्री रतन लाल नाथ ने इस पूरे घटनाक्रम के जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मैंने स्थानीय विधायक भगवान दास और त्रिपुरा राज्य विद्युत निगम के डीजीएम से बात की है। अधिकारियों को कहा गया है कि मामले की जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट सौंपी जाए।\

यह भी पढ़ें

बीजेपी का राहुल गांधी पर आरोप: भारत विरोधी गतिविधियां चलाने वाली सुनीता विश्वनाथ से क्यों मिले कांग्रेसी नेता-क्या है इनका एजेंडा?