केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में PMGKAY को तीन महीने के लिए विस्तार देने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 4 प्रतिशत की वृद्धि की है।

नई दिल्ली। दीवाली आने से पहले ही केंद्र सरकार ने देश के लोगों को तोहफा दे दिया है। बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को तीन महीने के लिए विस्तार देने का फैसला किया गया है। इससे देशभर के करीब 80 करोड़ लोगों को हर महीने मुफ्त राशन मिलेगा। केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ा दिया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी।

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गरीबों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार को 44,762 करोड़ खर्च करने होंगे। सरकार ने अप्रैल 2020 में पीएमजीकेएवाई योजना शुरू होने के बाद से अब तक 3.45 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि शुक्रवार को समाप्त हो रहे 80 करोड़ गरीबों को हर महीने 5 किलो गेहूं और चावल मुफ्त देने की योजना अब 31 दिसंबर, 2022 तक चलेगी। एक अक्टूबर से तीन महीने में 122 लाख टन खाद्यान्न मुफ्त दिया जाएगा। इस योजना को कोरोना महामारी के दौरान अप्रैल 2020 में केंद्र सरकार ने गरीबों को मुफ्त अनाज देने के लिए शुरू किया था।

4 फीसदी बढ़ा महंगाई भत्ता 
अनुराग ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में एक जुलाई 2022 से 4 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया है। इससे करीब 50 लाख कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी 1 जुलाई, 2022 से क्रमशः अधिक महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) के हकदार हो जाएंगे। कर्मचारियों के डीए में वृद्धि से केंद्र सरकार को हर साल 6,591.36 करोड़ रुपए अधिक खर्च करना होगा। वित्त वर्ष 2022-23 (जुलाई, 2022 से फरवरी, 2023 तक 8 महीने) में केंद्र सरकार को 4,394.24 करोड़ रुपए अधिक खर्च करना होगा।

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पेंशनभोगियों के मामले में केंद्र सरकार को 6,261.20 करोड़ रुपए हर साल अधिक खर्च करना होगा। वहीं, वित्त वर्ष 2022-23 में सरकार 4,174.12 करोड़ रुपए अधिक खर्च करेगी। चालू वित्त वर्ष में महंगाई भत्ते और महंगाई राहत दोनों के कारण राजकोष पर 12,852.56 करोड़ रुपए प्रति वर्ष और 8,568.36 करोड़ रुपए का संयुक्त प्रभाव पड़ेगा।

इसके साथ ही केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नई दिल्ली, अहमदाबाद और सीएसएमटी मुंबई के पुनर्विकास के भारतीय रेलवे के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इस परियोजना में लगभग 10,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा।

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