केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister Ashwini Vaishnaw) ने लोकसभा में बयान दिया है कि केंद्र सरकार ने 30 हजार से ज्यादा यूआरएल को ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। 2018 के बाद से 30, 310 यूआरएल ब्लॉक किए गए हैं। 

Ashwini Vaishnaw In Loksabha. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बयान दिया है कि केंद्र सरकार ने 30 हजार से ज्यादा यूआरएल को ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। 2018 के बाद से 30, 310 यूआरएल ब्लॉक किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आईटी नियमों के तहत गठित की गई कमेटी ने कुल 41172 यूआरएल यानि यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर की जांच की है। इसमें आईटी एक्ट 2000 की धारा 69ए के तहत ब्लॉक करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और राज्य के नोडल अधिकारियों से अनुमति मांगी गई थी।

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30,310 वेबलिंक ब्लॉक होंगे

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बयान दिया है कि सरकरा ने साल 2018 के बाद से 30 हजार 310 वेब लिंक को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं। इसमें सोशल मीडिया लिंक्स के अलावा सोशल मीडिया पेज, अकाउंट्स, ऐप, वेब पेज और वेबसाइट्स तक शामिल हैं। आईटी मिनिस्टर ने कहा कि इन्हें ब्लॉक करने की सिफारिशें विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और राज्यों की अथॉरिटिज से मिले थे।

लोकसभा में दिया लिखित बयान

आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित बयान में कहा कि सरकार ने सूचना प्रोद्योगिकी नियम 2009 की प्रक्रिया का पालन करती है। इसके अनुसार 2018 से 15 मार्च 2023 तक कुल 30,310 यूआरएल को ब्लॉक करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसमें हर तरह के लिंक शामिल हैं, चाहे वह सोशल मीडिया अकाउंट हों, पेज हों, ऐप हों या फिर वेबलिंक ही क्यों न हो, सभी को ब्लॉक करने के निर्देश शामिल हैं।

इन वजहों से हुई कार्रवाई

आईटी मिनिस्टर ने कहा कि आईटी एक्ट 2000 की धारा 69ए के तहत संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध या फिर सार्वजनिक व्यवस्था के हित के लिए यह कदम उठाया गया है। यह अधिनियम भारत सरकार को यह अधिकार देता है कि इन मुद्दों पर कार्रवाई की जा सकती है।

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