केंद्रीय मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने ‘स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2023’ (Startup Conclave 2023) को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में आगामी वर्षों में 10,000 यूनिकॉर्न होंगे। 

गांधीनगर। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में प्रौद्योगिकी विकास और नवाचार का यह सबसे रोमांचक काल है, जहां स्टार्टअप्स के लिए अभूतवर्पू अवसर हैं। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ वर्षों में भारत में 10,000 यूनिकॉर्न होंगे।

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उन्होंने कहा, "अगले कुछ वर्षों में हम सेमीकंडक्टर डिजाइन और इनोवेशन में स्टार्टअप व एआई में यूनिकॉर्न, व्यापक वेब3 में यूनिकॉर्न और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में यूनिकॉर्न देखेंगे। हमारा लक्ष्य 10,000 यूनिकॉर्न हासिल करना है।"

राजीव चंद्रशेखर ने स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2023 को किया संबोधित

आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर गांधीनगर के हेलीपैड प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित प्री-वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के दौरान ‘स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2023’ को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल भी मौजूद थे।

2026 तक GDP में 20 फीसदी तक होगा डिजिटल अर्थव्यवस्था का योगदान

राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इस मौके पर कहा है कि 2026 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में डिजिटल अर्थव्यवस्था का योगदान 20 फीसदी तक होगा। जीडीपी में डिजिटल अर्थव्यवस्था की हिस्सेदारी 2014 में करीब 4.5 फीसदी थी जो बढ़कर अब 11 फीसदी हो गई है और 2026 देश की जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी 20 फीसदी तक हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2015 में ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम का शुभारंभ करते समय जो लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, उनसे देश में नवाचार का माहौल बना और दुनिया में एक राष्ट्र के रूप में हमारी स्थिति में व्यापक बदलाव आया। भारत करीब तीन दशक तक प्रौद्योगिकी का महज उपभोक्ता बना रहा, लेकिन अब दुनिया के देशों के लिए प्रौद्योगिकी उत्पादों व उपकरणों का निर्माता भी बन गया है।

नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुए बदलाव

राज्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विगत 9 साल के कार्यकाल के दौरान देश में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला। हमारी अर्थव्यवस्था, जिसपर कभी कुछ समूहों का वर्चस्व था, लेकिन अब यह एक अत्यधिक विविधता वाली अर्थव्यवस्था बन गई है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली डिजिटल अर्थव्यवस्था है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और नवाचार के लिए सबसे अच्छा समय आना अभी बाकी है क्योंकि अगला दशक यानी इंडिया टेकेड इनके लिए अवसरों का दशक होगा।