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LAL SALAAM: 9 साल रिसर्च के बाद सच्ची घटना पर NOVEL ला रहीं स्मृति ईरानी, इधर; खुर्शीद की किताब पर बैन से मना

नेताओं द्वारा लिखी जाती रहीं किताबें अकसर पॉलिटिक्स में भूचाल ला देती हैं। हाल में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद( Salman Khurshid) की किताब सनराइज ओवर अयोध्या (Sunrise Over Ayodhya: Nationhood in Our Times) आई थी। अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी 'लाल सलाम' टाइटल से बुक ला रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह कुछ न कुछ कंट्रोवर्सी खड़ा करेगी।

Union Minister Smriti Irani wrote a book on the true incident with the title Lal Salaam KPA
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New Delhi, First Published Nov 18, 2021, 11:40 AM IST
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नई दिल्ली. नेताओं द्वारा लिखी जाती रहीं किताबें अकसर पॉलिटिक्स में कंट्रोवर्सी(Political Controversy) खड़ी करती रही हैं। हाल में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद( Salman Khurshid) की किताब सनराइज ओवर अयोध्या (Sunrise Over Ayodhya: Nationhood in Our Times) आई थी। इसने अच्छा खासा विवाद पैदा किया। अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी(Smriti Irani) एक किताब ला रही हैं। इसका टाइटल 'लाल सलाम' है। बता दें कि लाल सलाम नक्सलियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। स्मृति की किताब में इसका क्या कनेक्शन है, अभी खुलासा नहीं किया गया है। किताब का कवर भी लाल रंग का है। यह किताब कोई कंट्रोवर्सी खड़ा करेगी या नहीं, यह अभी नहीं कहा जा सकता है। लेकिन दावा किया जा रहा है कि यह किताब blockbuster साबित होगी।

29 नवंबर को होगी लॉन्चिंग
यह किताब एक राजनीति थ्रिलर है। स्मृति ईरानी ने बुधवार को एक tweet करके किताब का खुलासा किया। प्रकाशक ने एक प्रेस रिलीज जारी की है। इसके अनुसार किताब 29 नवंबर को सामने आएगी। कहा जा रहा है कि किताब में देश में कानून की सेवा करने वालों की बहादुरी को सामने लाया जा रहा है। यह अप्रैल 2010 की दुखद घटना से प्रेरित है जब दंतेवाड़ा में CRPF के 76 जवान शहीद हो गए थे। ईरानी अपनी किताब के जरिए नक्सली-माओवादी विद्रोही क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करने वाले अधिकारियों को श्रद्धांजलि देना चाह रही हैं।

निश्चय ही तीखे तेवर होंगे
लाल सलाम एक उपन्यास बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इसे 9 साल की रिसर्च के बाद तैयार किया गया। यानी इसे लिखने तक 10 साल लगे। स्मृति ईरानी के इस उपन्यास में क्या है और प्रकाशक के बारे में वे अधिक बात नहीं कर रहीं। हालांकि इतना जरूर माना जा रहा है कि जिस तरह स्मृति ईरान संसद में अपने आक्रामक तेवर दिखाती रही हैं, वैसा ही इस किताब में भी दिखाई देगा। इस किताब की प्रेरणा स्मृति को कहां और किससे मिली, जल्द वे इसका खुलासा करेंगी। बताया जाता है कि इस किताब पर फिल्म बनाने के राइट्स भी किसी प्रोडक्शन हाउस ने खरीद लिए हैं।

पिछले दिनों कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की किताब ने मचाया था बवाल
10 नवंबर को कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद( Salman Khurshid) की किताब सनराइज ओवर अयोध्या (Sunrise Over Ayodhya: Nationhood in Our Times) का विमोचन किया गया था।  अयोध्या पर केंद्रित इस किताब का विमोचन पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम (P.Chidambaram) ने किया था। यह किताब लगातार विवादों में है। किताब पर विवाद छिड़ते ही सलमान खुर्शीद के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि उन्होंने हिन्दुत्व की आतंकवाद से तुलना करके उसे बदनाम करने की कोशिश की है। वकील विवेक गर्ग ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। खुर्शीद ने किताब में जिक्र किया है कि हिंदुत्व ISIS और बोको हरम जैसे जिहादी इस्लामी समूहों के समान है। इस पर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने टिप्पणी करते हुए कहा-हम उस व्यक्ति से और क्या उम्मीद कर सकते हैं, जिसकी पार्टी ने सिर्फ इस्लामी जिहाद के साथ समानता लाने के लिए मुस्लिम वोट पाने भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ा।

खुर्शीद की किताब पर बैन से मना
खुर्शीद की किताब पर बैन लगाने को लेकर हिंदू सेना ने पटियाला कोर्ट में याचिका लगाई थी। इस पर कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति के अधिकार पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। हालांकि कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता किताब के विरेाध में प्रचार कर सकता है। भावनाओं को ठेस पहुंचाने के विरोध में खंडन का भी प्रकाशन करा सकता है।

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