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Uttarakhand Avalanche: अबतक 16 पर्वतारोहियों का शव बरामद, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 8 घायलों को भी बचाया

नेहरू माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट ऑफ उत्तरकाशी के 41 पर्वतारोहियों का दल राज्य के द्रौपदी के डंडा-2 पर्वत शिखर पर पर्वतारोहण के लिए गया था। मंगलवार को अचानक से हुए हिमस्खलन में पर्वतारोही आ गए थे।

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First Published Oct 6, 2022, 9:39 PM IST

Uttarakhand Avalanche news: उत्तराखंड में पर्वतारोहण करने गए पर्वतारोहियों के दल के 16 शवों को द्रौपदी के डंडा-2 पर्वत शिखर से निकाला जा चुका है। नेहरू माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट ऑफ उत्तराकाशी के 41 पर्वतारोहियों का दल पर्वतारोहण के दौरान मंगलवार को हिमस्खलन की चपेट में आ गया था। गुरुवार को सात पर्वतारोहियों का शव निकाला जा सका। मरने वाले पर्वतारोहियों की संख्या 16 तक पहुंच चुकी है। 

मंगलवार को हिमस्खलन में फंस गए थे पर्वतारोही

नेहरू माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट ऑफ उत्तरकाशी के 41 पर्वतारोहियों का दल राज्य के द्रौपदी के डंडा-2 पर्वत शिखर पर पर्वतारोहण के लिए गया था। मंगलवार को अचानक से हुए हिमस्खलन में पर्वतारोही आ गए थे। पर्वतारोहियों के दल में 29 ट्रेनी माउंटेनियर शामिल थे। हादसे के पहले दिन दस पर्वतारोहियों के मरने की पुष्टि हुई थी। जबकि एक दर्जन से अधिक लापता बताए जा रहे थे। पर्वतारोहियों के साथ हुआ यह हादसा इतिहास का सबसे बड़ा हादसा है जिसमें इतनी बड़ी संख्या में पर्वतारोहियों की मौत हुई है। इस हादसा के तत्काल बाद वायुसेना के विमानों को पर्वतारोहियों के रेस्क्यू के लिए लगाया गया। राज्य के पुलिस प्रमुख अशोक कुमार ने कहा कि भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर्स को पर्वतारोहियों को बचाने के लिए लगाया गया था। 

क्या बताया इंस्टीट्यूट के हेड ने?

उत्तरकाशी के नेहरू माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल कर्नल अमित बिष्ट ने बताया कि मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे ही यह टीम 16000 फीट की हाईट पर हिमस्खलन की चपेट में आ गई। पर्वतारोहियों की टीम में 41 पर्वतारोही शामिल थे जिसमें 29 ट्रेनी पर्वतारोही थे। पहले दिन 10 मौतों की पुष्टि हो गई जबकि 8 पर्वतारोहियों को बचाया गया। उत्तराखंड पुलिस द्वारा जारी प्रशिक्षुओं की लिस्ट में पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं।

कर्नल अमित बिष्ट ने बताया है कि मंगलवार को 10 मौतों की पुष्टि के बाद उनको निकालने की कोशिशें शुरू हो गई। चार शवों को निकालने के बाद अंधेरा अधिक होने और मौसम बिगड़ने से रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया। बुधवार को भी 5 शवों को निकाला गया। गुरुवार को सात शवों को निकाला गया। 

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