भारत सरकार विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के मिशन वंदे भारत शुरू किया है। जिसका आज तीसरा दिन है। आज 7 देशों से 8 फ्लाइट भारतीयों को लेकर स्वदेश आएंगी। आज सबसे पहली फ्लाइट ढाका से 129 भारतीयों को लेकर स्वदेश लौटी। 

नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी से दुनिया जूझ रही है। दुनिया में संक्रमित मरीजों की संख्या 40.12 लाख से अधिक है। जबकि अब तक 2.76 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इन सब के बीच भारत सरकार विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के मिशन वंदे भारत शुरू किया है। जिसका आज तीसरा दिन है। आज पहली फ्लाइट ढाका से आई। यह करीब 3.45 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुई। इसमें 129 लोग आए हैं। आज अलग-अलग देशों से 7 फ्लाइट और आएंगी। इससे पहले मिशन के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को 5 उड़ानों से भारतीयों की वापसी हुई।

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आज इन देशों से स्वदेश लौटेंगे भारतीय 

कहां से आएगी कहां पहुंचेगी
ढाकादिल्ली
कुवैत हैदराबाद
मस्कट कोच्चि
शारजाह लखनऊ
कुवैत कोच्चि
कुआलालंपुर त्रिची
लंदन मुंबई
दोहा कोच्चि

8 मई को 5 उड़ानों से लोग भारत लौटे

वंदे भारत मिशन के दूसरे दिन यानी 8 मई को पहली फ्लाइट दोपहर 12 बजे दिल्ली पहुंची। इस फ्लाइट में सिंगापुर से 234 लोग आए। दूसरी फ्लाइट ढाका से 167 मेडिकल स्टूडेंट को लेकर श्रीनगर आई। तीसरी फ्लाइट रियाद से कोझिकोड पहुंची। इसमें आने वाले लोगों की संख्या पता नहीं चल पाई। बहरीन से कोच्चि और दुबई से चेन्नई आई उड़ानों में 182-182 लोग आए।

इससे पहले 7 मई को अबू धाबी से 181 भारतीय कोच्चि पहुंचे। इनमें से 5 लोगों में कोरोनावायरस के लक्षण दिखने पर उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया। जबकि दुबई से 182 यात्री कोझिकोड पहुंचे। जहां सभी की स्क्रीनिंग की गई। 

698 लोग समुद्र के रास्ते मालदीव से आ रहे

विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए सरकार ने ऑपरेशन समुद्र सेतु भी शुरू किया है। इसके पहले फेज में नेवी का जहाज आईएनएस जलाश्व मालदीव से 698 लोगों को लेकर शुक्रवार को रवाना हो चुका है। इसके 10 मई को कोच्चि पहुंचने की उम्मीद है। आईएनएस जलाश्व के जरिए मालदीव से 595 पुरुष और 103 महिलाएं लौट रहे हैं। इनमें 19 गर्भवती महिलाएं भी हैं। नौसेना करीब 2000 लोगों को वापस लाने के लिए आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर के जरिए ऑपरेशन चला रही है। दोनों युद्धपोत केरल के कोच्चि और तमिलनाडु के तूतीकोरिन से दो-दो बार माले जाएंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि मालदीव से 4500 लोगों ने भारत लौटने की इच्छा जताई है। मालदीव में करीब 27 हजार भारतीय रहते हैं।