भोपाल की चर्चित Twisha Sharma Death Case में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न व हत्या के गंभीर आरोप लगे हैं। मौत से पहले ट्विशा के वायरल मैसेज, ‘मेरी जिंदगी नरक बन गई है’, अब बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं। फरार पति, संदिग्ध हालात और चैट्स ने इस मिस्ट्री को और गहरा दिया।
Bhopal Twisha Sharma Case: यह कहानी नई दिल्ली और भोपाल के बीच फैली एक ऐसी कड़वी हकीकत है, जिसने एक हंसती-खेलती 33 साल की युवती की जिंदगी छीन ली। ट्विशा शर्मा और भोपाल के वकील समर्थ सिंह की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। शुरुआत में सब कुछ किसी सुनहरे ख्वाब जैसा था। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा बताते हैं कि शादी से करीब एक साल पहले जब उन्हें इस रिश्ते का पता चला, तो परिवार ने बेटी की खुशी के लिए रजामंदी दे दी। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वे अपनी बेटी का हमसफर चुन रहे हैं, वह कोई और ही रूप छिपाए बैठा है। 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा का शव फंदे से लटका मिला, जिसके बाद इस पूरी प्रेम कहानी के पीछे छिपा खौफनाक सच सामने आया।


परेशानी का पहला सिग्नल: हनीमून की वह घटना और भाई की एक गलती
नवनिधि शर्मा ने बताया कि समर्थ का असली चेहरा शादी के तुरंत बाद ही सामने आ गया था। उन्होंने उसे "भेड़ की खाल में भेड़िया" करार दिया। परेशानी की शुरुआत हनीमून के दौरान ही हो गई थी, जब एयरपोर्ट पर किसी मामूली बात पर गुस्सा होकर समर्थ ने ट्विशा को सरेआम धक्का दे दिया था। उस वक्त सहमी हुई ट्विशा ने अपने भाई से पूछा था, "क्या मैंने कोई गलत फैसला ले लिया है?" लेकिन परिवार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। भाई ने सोचा कि शायद शादी के शुरुआती जोश में ऐसा हुआ होगा और इसे नजरअंदाज करने को कह दिया। आज ट्विशा के पिता को इस बात का गहरा मलाल है। उनका कहना है कि बेटियां अक्सर अपनी शादी बचाने के चक्कर में शुरुआती प्रताड़ना को छुपा जाती हैं, जो बाद में जानलेवा साबित होता है।
दहेज का नया पैंतरा: बिना मांगे ही खाली करवा दी जेब
जब समाज में सीधे दहेज मांगने पर पाबंदी लगी, तो प्रताड़ना के तरीके बदल गए। नवनिधि शर्मा ने बताया कि समर्थ और उसकी मां (जो एक रिटायर्ड जज हैं) ने कभी सीधे मुंह पैसे नहीं मांगे। वे ऐसी परिस्थितियां पैदा कर देते थे कि लड़की वाले को न चाहते हुए भी मोटी रकम खर्च करनी पड़ती थी। रहन-सहन के ऊंचे स्तर और खर्चों का दबाव लगातार बनाया जाता था। हद तो तब हो गई जब ट्विशा की नौकरी चली गई। इसके बाद ससुराल वालों के ताने असहनीय हो गए। वे सीधे ट्विशा पर वार करते हुए कहते, "अब हम तुम्हें कैसे खिलाएंगे?"

दिल दहला देने वाले आखिरी मैसेजेस: "मम्मी, मेरी जिंदगी नरक बन गई है"
मौत से पहले ट्विशा और उसकी मां के बीच हुई वॉट्सऐप चैट इस बात का पुख्ता सबूत है कि वह किस कदर मानसिक और शारीरिक यातनाओं से गुजर रही थी। 30 अप्रैल को ट्विशा ने अपनी मां को मैसेज किया था: "भोपाल बुलाकर फिर से वही सब नाटक। मेरी जिंदगी नरक बन गई है, मम्मी।" 7 मई को उसकी प्रताड़ना चरम पर पहुंच गई और उसने मां से गुहार लगाई: "माँ, प्लीज़ आप कल मुझे यहाँ से लेने आ जाओ। मैं यहाँ रहते-रहते पागल हो जाऊँगी।" उसने चैट में यह भी खुलासा किया कि उसका पति एक साल से उसे सिर्फ 'बर्दाश्त' कर रहा था।
जबरन गर्भपात और चरित्र पर कीचड़: "मुझसे अब यह बर्दाश्त नहीं होता"
ट्विशा की चैट से जो सबसे घिनौना और चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वह था उसके चरित्र पर शक और जबरन गर्भपात। 9 मई को भेजे गए एक मैसेज में ट्विशा का दर्द और गुस्सा साफ झलकता है। उसने लिखा था: "वह मुझसे पूछ रहा है कि वह बच्चा किसका था, और तुम चाहती हो कि मैं इसे नज़रअंदाज़ कर दूँ? इसने अपनी घटियापन की सारी हदें पार कर दी हैं।" इसके अलावा समर्थ ने ट्विशा के सामने यह शर्त भी रखी थी कि उसके पिता जमीन पर नाक रगड़कर उससे माफी मांगें। अपनी आखिरी बातचीत में ट्विशा ने कहा था, "मुझे बहुत ज़्यादा घुटन हो रही है माँ। न ये लोग मुझे रोने देंगे, न ही हँसने की कोई वजह देंगे।"

CM हाउस के बाहर न्याय की गुहार: फरार आरोपी और दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग
ट्विशा की संदिग्ध मौत के बाद उसके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर हत्या और दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद से आरोपी वकील समर्थ सिंह फरार है। अपनी बेटी को खो चुके पिता नवनिधि शर्मा अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री आवास के बाहर कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया जाए ताकि सच सामने आ सके। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रसूखदार पदों पर बैठे लोग भी बंद दरवाजों के पीछे किस कदर हैवान बन सकते हैं।


