निर्भया केस के चारों गुनहगारों को जेल प्रशासन ने नोटिस थमाकर उनसे आखिरी इच्छा पूछी है। उनसे पूछा गया है कि 1 फरवरी को तय उनकी फांसी के दिन से पहले वह अपनी अंतिम मुलाकात किससे करना चाहते हैं? वहीं, सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक विनय ने दो दिनों तक खाना नहीं खाया।  

नई दिल्ली. निर्भया के दोषियों को 1 फरवरी को फांसी दी जानी है। जिसको लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इन सब के बीच निर्भया केस के चारों गुनहगारों को जेल प्रशासन ने नोटिस थमाकर उनसे आखिरी इच्छा पूछी है। उनसे पूछा गया है कि 1 फरवरी को तय उनकी फांसी के दिन से पहले वह अपनी अंतिम मुलाकात किससे करना चाहते हैं? उनके नाम कोई प्रॉपर्टी है तो क्या वह उसे किसी के नाम ट्रांसफर करना चाहते हैं, कोई धार्मिक किताब पढ़ना चाहते हैं या किसी धर्मगुरु को बुलाना चाहते हैं? अगर वह चाहें तो इन सभी को 1 फरवरी को फांसी देने से पहले पूरा कर सकते हैं।

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मुकेश और अक्षय पर कोई असर नहीं

मंगलवार सुबह से अचानक पवन की खुराक में कमी होने लगी। मुकेश और अक्षय पर अभी खाना कम खाने या खाना छोड़ देने के रूप में कोई असर नहीं देखा जा रहा है। इनमें से मुकेश के पास फांसी को टालने के लिए अपने बचाव में जितने भी कानूनी उपचार थे, वह उन सभी को आजमा चुका है। इसकी दया याचिका भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास से डिसमिस हो चुकी है। अब अन्य तीनों के पास दया याचिका दायर करने और दो के पास सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करने का कानूनी उपचार बचा है।

एक ने खाना छोड़ा तो दूसरे की भूख कम

इस बीच यह भी खबर मिली है कि चारों में से एक ने अपनी जिंदगी खत्म होने के डर से खाना छोड़ दिया है जबकि दूसरा भी कम खाना खा रहा है। जेल अधिकारियों से पता चला है कि चारों में से एक विनय ने दो दिनों तक खाना नहीं खाया था, लेकिन बुधवार को इसे बार-बार खाना खाने के लिए कहा गया तो थोड़ा खाना खाया।

सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं 32 गार्ड 

जेल सूत्रों ने बताया कि चारों दोषियों को तिहाड़ की जेल नंबर-3 के अलग-अलग सेल में रखा गया है। हर दोषी की सेल के बाहर दो सिक्यॉरिटी गार्डों की तैनाती की गई है। इनमें से एक हिंदी और इंग्लिश का ज्ञान ना रखने वाला तमिलनाडु स्पेशल पुलिस का जवान और एक तिहाड़ जेल प्रशासन का होता है। हर दो घंटे में इन गार्डों को आराम दिया जाता है। शिफ्ट बदलने पर दूसरे गार्ड तैनात किए जाते हैं। हर एक कैदी के लिए 24 घंटे के लिए आठ-आठ सिक्यॉरिटी गार्ड लगाए गए हैं। यानी चार कैदियों के लिए कुल 32 सिक्यॉरिटी गार्ड। ये 24 घंटे में 48 शिफ्ट में काम कर रहे हैं।

1 फरवरी को दी जाएगी फांसी 

सात साल पहले दरिंदजगी की घटना को अंजाम देने वाले चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने की नई तारीख 1 फरवरी सुबह 6 बजे तय की गई है। अगर इसी बीच मुकेश के अलावा अन्य तीनों में से किसी ने दया याचिका डाल दी तो यह मामला फिर कुछ दिन के लिए आगे बढ़ सकता है। ऐसे में कानूनी जानकारों का कहना है कि फिर से फांसी के लिए संभवत: एक नई डेट दी जाएगी। इन्हें फांसी पर लटकाने के लिए एक और ट्रायल किया गया है। 

पहले 22 जनवरी को दी जानी थी फांसी

निर्भया के दोषियों को फांसी देने की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली के पटियाला कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए 22 जनवरी की सुबह 7 बजे का समय तय किया था। इसी दिन चारों दोषियों को फांसी पर लटकाया जाना था। लेकिन कानूनी दांव पेंच के कारण इस तारीख को टालनी पड़ी। वहीं, दोषियों की फांसी में हो रही देरी पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है और याचिका दाखिल कर 7 दिन की टाइमलाइन तय करने की मांग की है। 

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