कांग्रेस नेता शशि थरूर वायनाड दौरे को यादगार बताकर ट्रोल हो गए। उनके बयान को लेकर लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर थरूर ने दोबारा ट्वीट कर सफाई दी।  

नेशनल न्यूज। तिरुवनंतपुरम के सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर भूस्खलन की घटना के बाद वायनाड के दौरे पर गए थे जहां से लौटकर उन्होंने ट्वीट कर यात्रा का यादगार बताया था। इसके बाद वह सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए थे। अब कांग्रेस नेता ने फिर से ट्वीट कर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि 'यादगार' से उनका मतलब ऐसी घटना से है जिसे कभी भुलाया न जा सके। 

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थरूर ने ट्ववीट कर स्पष्टीकरण दिया
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट में लिखा, मुझे ट्रोल करने वाले सभी यूजर के लिए, 'यादगार' की परिभाषा है जो चीज हमेशा याद रखने लायक है या भविष्य में हमेशा याद किए जाने की संभावना है। क्योंकि यह विशेष और अविस्मरणीय है। 'यादगार' से मेरा सिर्फ इतना ही मतलब था।

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वायनाड का दृश्य दिल दहला देने वाला
कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया था जिसमें वह पीड़ितों के लिए राहत सामग्री बांटते दिख रहे हैं। थरूर बाढ़ और भूस्खलन पीड़ित परिवारों से भी मिले और उनका दर्द बांटा। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यालय की ओर से पीड़ितों को कुछ गद्दे बांटे गए थे। हालांकि ये सिर्फ तात्कालिक मदद है जबकि हमें लॉन्ग टर्म मैनेजमेंट के बारे में सोचने की जरूरत है। वायनाड का दौरा भावनात्मक रूप से बहुत पीड़ा देने वाला था। वहां की स्थिति रोंगटे खड़े करने के साथ दिल को झकझोर देने वाली है। 

अब तक 365 मौतें, 206 लापता
वायनाड में आई तबाही में अब तक 365 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 206 लोग अभी भी लापता हैं। आज 6ठे दिन भी सेना और एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू कार्य में जुटी हुई है। अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायलों का इलाज किया जा रहा है। मंत्री और अफसर लगातार वायनाड का दौरा कर हालात पर नजर बनाए रखे हैं। सभी जरूरी सुविधाएं घटना में प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही है। 

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