पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अपने भाषणों में फिल्मी अंदाज में डायलॉग बोलकर ममता बनर्जी पर आक्रामक हुए मिथुन दा पुलिस के चक्कर में फंस गए हैं। उनसे बुधवार को पुलिस ने पूछताछ की। मिथुन दा के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमल करने पर FIR दर्ज हुई थी। सबसे बड़ी बात बुधवार को ही मिथुन दा 71 साल के हो गए हैं।

पश्चिम बंगाल. विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार और TMC की जीत के बाद भी राजनीति ड्रामा चालू है। चुनाव के दौरान अपने भाषणों में कथिततौर पर उग्र शब्दों का इस्तेमाल करने वाले मिथुन दा से बुधवार को पुलिस ने पूछताछ की। उन पर ममता बनर्जी के खिलाफ गंदी और असंवैधानिक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। इस मामले में महानगर मानिकतल्ला थाने में FIR दर्ज कराई गई थी। मिथुन दा से वर्चुअली पूछताछ हुई। सबसे बड़ी बात बुधवार को ही मिथुन दा 71 साल के हो गए हैं।

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इन दो डायलॉग के चक्कर में पुलिस में फंसे
कभी ममता के खासे रहे मिथुन दा ने विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ज्वाइन कर ली थी। इस बीच चुना प्रचार के दौरान उन्होंने बंगाली में दो डायलॉग बोले थे। 'मारबो एकहने लाश पोरबे शोशाने' यानी तुम्हें मारूंगा, तो लाश श्मशान में गिरेगी और 'एक छोबोले चाबी’ यानी सांप के एक दंश से तुम तस्वीर में कैद हो जाओगी...। इन दो डायलॉग की भाषा असंवैधानिक और हिंसा को बढ़ावा देने वाली मानी गई। आरोप लगाए गए कि मिथुन दा के भाषणों से हिंसा भड़की।

हाईकोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
इस मामले में मिथुन दा ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। लेकिन हाईकोर्ट ने FIR खारिज करने की अपील ठुकराते हुए कहा था कि वे पुलिस की पूछताछ में सहयोग करें। हालांकि कलकत्ता हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि वो मिथुन का ई-मेल आदि लेकर रखे। जब जरूरत पड़े, तो वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये पूछताछ की जा सके। हालांकि मिथुन दा तर्क देते रहे रहे हैं कि उन्होंने सिर्फ फिल्मी डायलॉग बोले थे।

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