सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में CBI जांच रद्द कर दी है। कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए कोर्ट ने ममता सरकार को बड़ी राहत दी है। अतिरिक्त पदों के सृजन में न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं बताई गई।

West Bengal Teachers Recruitment Scam: पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को बड़ी राहत दी। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए सीबीआई जांच रद्द कर दी है।

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2022 में पश्चिम बंगाल के कर्मचारी चयन आयोग (SSC) भर्ती के लिए अतिरिक्त पदों का सृजन किया गया था। इसको लेकर घोटाले के आरोप लगे हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच CBI से कराने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा-न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं

सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका लगाई गई थी। इसपर सुनवाई के दौरान CJI (Chief Justice of India) संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इसमें न्यायिक हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है। अतिरिक्त पदों का सृजन बंगाल शिक्षा विभाग द्वारा आवश्यक परामर्श और राज्यपाल की मंजूरी के बाद किया गया था।

इस मामले में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था कि अतिरिक्त पदों का सृजन "कानूनी नहीं है।" हाईकोर्ट ने CBI को निर्देश दिया था कि वह इस फैसले के संबंध में पूछताछ के लिए मंत्रिमंडल के सदस्यों को हिरासत में ले।

शिक्षक भर्ती घोटाला में पार्थ चटर्जी को जाना पड़ा था जेल

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसका आदेश केवल हाईकोर्ट द्वारा अतिरिक्त पदों के सृजन की सीबीआई जांच के निर्देश तक ही सीमित है। उनका फैसला किसी भी तरह से जांच के अन्य पहलुओं या मामले के संबंध में सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्रों को प्रतिबिंबित नहीं करता है। बता दें कि पैसे लेकर शिक्षकों की भर्ती करने के आरोप में पूर्व शिक्षा मंत्री और ममता के करीबी सहयोगी पार्थ चटर्जी को जेल जाना पड़ा था।

राज्य सरकार ने 19 मई 2022 को आदेश जारी किया था। इसमें प्रतीक्षा सूची वाले उम्मीदवारों को समायोजित करने के लिए मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और प्रायोजित स्कूलों में शारीरिक शिक्षा और कार्य शिक्षा शिक्षकों के साथ-साथ गैर-शिक्षण कर्मचारियों सहित सहायक शिक्षकों के अतिरिक्त पदों को भरने के लिए जारी किया गया था।