दिल्ली के अमर कॉलोनी में UPSC अभ्यर्थी से रेप, हत्या और लूट के मामले में पुलिस ने 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। आरोपी राहुल मीणा को CCTV, DNA और फिंगरप्रिंट जैसे सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। चार्जशीट में 82 लोगों को गवाह बनाया गया है।
नई दिल्ली [भारत], 17 जुलाई (एएनआई): दिल्ली पुलिस ने अमर कॉलोनी में एक युवा UPSC अभ्यर्थी के साथ हुए रेप, हत्या और लूट के मामले में 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांचकर्ताओं ने आरोपी की संलिप्तता साबित करने के लिए CCTV फुटेज, DNA प्रोफाइलिंग, फिंगरप्रिंट जांच और अन्य फॉरेंसिक सबूतों पर भरोसा किया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 अप्रैल को अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ईस्ट ऑफ कैलाश के कैलाश हिल्स में हुई थी। पीड़िता, जो एक भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी की बेटी और UPSC की तैयारी कर रही थी, के साथ उसके घर के अंदर कथित तौर पर यौन उत्पीड़न, हत्या और लूट की गई।
पुलिस ने बताया कि घटना के तुरंत बाद सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL), लोधी कॉलोनी और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), रोहिणी की विशेषज्ञ टीमों ने अपराध स्थल का निरीक्षण किया। जांचकर्ताओं ने अपराध से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने के लिए 100 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज का भी विश्लेषण किया।
CCTV फुटेज के जरिए पहचाने गए आरोपी, 23 वर्षीय राहुल कुमार मीणा को पुलिस की कई टीमों के लगातार प्रयासों के बाद उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि उसकी निशानदेही पर लूटी गई पूरी संपत्ति बरामद कर ली गई।
गहन जांच और सबूतों का संग्रह
जांच के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में कई टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने बड़े पैमाने पर इलाके में पूछताछ की, जिसमें पड़ोसियों, सुरक्षा गार्डों, घरेलू सहायकों, मजदूरों, ड्राइवरों, सफाई कर्मचारियों, ऑटो-रिक्शा चालकों और इलाके में मौजूद अन्य लोगों से सवाल-जवाब किए गए।
सुरागों की पुष्टि और सबूत इकट्ठा करने के लिए पुलिस टीमों को राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भी भेजा गया।
फॉरेंसिक तकनीक और क्राइम सीन रिक्रिएशन
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांचकर्ताओं ने CFSL विशेषज्ञों की मौजूदगी में क्राइम सीन को रीक्रिएट किया। इस रिकंस्ट्रक्शन की क्रमबद्ध फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई, जिसमें आरोपी के घर में प्रवेश, आवाजाही और बाहर निकलने को शामिल किया गया।
चाल के पैटर्न के विश्लेषण (gait pattern analysis) के लिए CCTV फुटेज और रिकंस्ट्रक्शन वीडियो की भी जांच की गई। पुलिस ने कहा कि CFSL विशेषज्ञों द्वारा आरोपी का बिहेवियरल एनालिसिस इंटरव्यू और लेयर्ड वॉयस एनालिसिस (LVA) किया गया।
अपराध स्थल से उठाए गए चांस फिंगरप्रिंट्स और हथेली के निशान आरोपी के निशानों से मेल खा गए। पुलिस ने बताया कि CFSL के फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी डिवीजनों द्वारा सबूतों की फॉरेंसिक जांच के भी सकारात्मक परिणाम मिले, साथ ही यह भी कहा कि DNA प्रोफाइलिंग ने जांच के दौरान एकत्र किए गए जैविक सबूतों के साथ आरोपी के DNA का निर्णायक रूप से मिलान किया।
973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल
दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत बयान दर्ज किए गए और अभियोजन पक्ष ने मामले में 82 गवाहों का हवाला दिया है।
जांच और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के पूरा होने पर, दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने 16 जुलाई को सक्षम अदालत के समक्ष 973 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई 18 जुलाई को होनी है। (एएनआई)
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