नई दिल्ली. आज यानी 1 मार्च को वर्ल्ड सिविल डिफेंस डे मनाया जाता है। ऐसे में हम आपको सिविल डिफेंस डे से जुड़े फैक्ट्स बता रहे हैं। हर साल इस दिन को सिविल डिफेंस और इमरजेंसी मैनेजमेंट के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।

नई दिल्ली. आज यानी 1 मार्च को वर्ल्ड सिविल डिफेंस डे मनाया जाता है। ऐसे में हम आपको सिविल डिफेंस डे से जुड़े फैक्ट्स बता रहे हैं। हर साल इस दिन को सिविल डिफेंस और इमरजेंसी मैनेजमेंट के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।

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कब हुई थी शुरुआत?
साल 1990 में पहली बार इस दिन को मनाना शुरु किया था। दरअसल, 20वीं शताब्दी के मध्य में दुनिया में बड़े बदलाव होना शुरु हुए थे। इसमें टेक्नोलॉजी में तेजी से बदलाव आया। समाजिक और राजनैतिक ढांचा बदल गया। यह समय न्यूक्लियर वेपन और कोल्ड वॉर के शुरुआती दौर का समय है। इस दौरान पूरी दुनिया में सुरक्षा और जनसंख्या बचाव को लेकर चिंता जताई जाने लगी।

इसके बाद 1950 में पहली बार यूएन ने ICDO यानी इंटरनेशनल सिविल डिफेंस ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना की थी। इसके जरिए दुनिया भर में सिविल डिफेंस को लेकर की जा रही कोशिशों के बारे में जानकारी साझा की। ICDO यूएन के एक विशेष प्रकार की एजेंसी है। इसका हेडक्वार्टर स्विजरलैंड के जिनेवा में है।

पिछले 6 सालों में सिविल डिफेंस डे की थीम?
अगर हम पिछले कुछ सालों में आयोजित हुए वर्ल्ड सिविल डिफेंस 2017 की थीम - आपदा के जोखिम पड़ावों से आपदा को कम करना। 2018 में इसकी थीम- आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करना। 2019 में थीम- बच्चों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी। 2021 में थीम- सिविल डिफेंस और हर घर में सबकी मदद करने वाला। 2022 में थीम- जो आपदाओं और संकटो में विस्थापित हुए उनके सुरक्षा करना और संकट को कम करना। स्वयंसेवको की भूमिका निभाते हुए महामारी के खिलाफ लड़ना। 2023 में थीम - भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए दुनिया के प्रतिष्ठित इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स को एकजुट करना।