कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद पद से हटा दिया गया था। बीते दिनों कुश्ती महासंघ के चुनाव का ऐलान किया गया था।

Wrestling federation of India polls: भारतीय कुश्ती महासंघ का चुनाव 12 अगस्त को प्रस्तावित था। चुनाव के एक दिन पहले कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है। हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन की याचिका की सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चुनाव को स्टे कर दिया है। 28 अगस्त तक चुनाव पर रोक लगाया गया है। दरअसल, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की अगुवाई वाले हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन ने कुश्ती महासंघ के चुनाव में वोटिंग की इजाजत मांगी थी जबकि हरियाणा एमैच्योर रेसलिंग एसोसिएशन ने खुद को वैध संगठन बताते हुए दावा किया था। हालांकि, कोर्ट ने हरियाणा एमैच्योर रेसलिंग एसोसिएशन के दावे को खारिज कर दिया।

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अनिता श्योरण और संजय सिंह के बीच मुख्य मुकाबला

कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद पद से हटा दिया गया था। बीते दिनों कुश्ती महासंघ के चुनाव का ऐलान किया गया था। अध्यक्ष पद के लिए मुख्य दावेदारों में कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 की चैंपियन अनीता श्योरण और कुश्ती महासंघ के निर्वतमान चीफ बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह हैं। बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले महिला पहलवान, अनीता श्योरण के साथ इस चुनाव में खड़े दिख रहे हैं।

क्यों पहुंचा था मामला हाईकोर्ट?

दरअसल, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व वाले हरियाणा रेसलिंग फेडरेशन को झटका देते हुए रिटर्निंग ऑफिसर ने हरियाणा एमेच्योर रेसलिंग एसोसिएशन को वोट करने का अधिकार दे दिया था। इसके खिलाफ हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन ने पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। संगठन की ओर से एडवोकेट रविंद्र मलिक ने कहा कि उनका संगठन हरियाणा में रजिस्टर्ड है। उसे भारतीय कुश्ती महासंघ से मान्यता मिली हुई है। भारतीय कुश्ती महासंघ के संविधान और नियमों के मुताबिक कोई भी मान्यता प्राप्त बॉडी चुनावों में वोटिंग के लिए 2 मेंबर भेज सकती है। जबकि हरियाणा एमेच्योर रेसलिंग एसोसिएशन ने दावा किया कि कुश्ती महासंघ से हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन मान्यता प्राप्त नहीं है। इसलिए इसे वोट से रोका जाए। उधर, हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन ने दावा किया कि हरियाणा एमेच्योर भले ही रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त हो लेकिन वह हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त नहीं है। ऐसे में अगर उसे वोट देने दिया गया तो चुनाव ही अवैध हो जाएगा। हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने कहा कि प्राइमरी तौर पर ये लगता है कि हरियाणा एमैच्योर रेसलिंग एसोसिएशन वोट देने के लिए इलिजिबल नहीं है। जिसके बाद स्टे लगा दिया गया। 

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