Abhijeet Dipke statement: हिरासत से छूटने के बाद अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। वहीं, मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी गिरफ्तारी को अपहरण बताया है।
CJP Leaders Released: दिल्ली में हिरासत से रिहा होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके और मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया, जबकि ध्रुव राठी ने एक वीडियो जारी कर अपनी हिरासत को 'अपहरण' बताया। उन्होंने भारतीय नागरिकता को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी सफाई दी।
अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी पर क्या कहा?
हिरासत से बाहर आने के बाद अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के लिए शर्मिंदगी बताया। उन्होंने लिखा कि देश ने इससे पहले इतना बड़ा डरपोक और गुंडा कभी नहीं देखा। उनका यह बयान हिरासत से रिहा होने के बाद सामने आया।
ध्रुव राठी ने गिरफ्तारी को बताया 'अपहरण'
ध्रुव राठी ने हिरासत से छूटने के बाद एक नया वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे 'अपहरण' करार दिया। ध्रुव ने दावा किया कि उनका फोन छीन लिया गया था और वह किसी से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उनके बेडरूम से हिरासत में लिया गया था।
भारतीय नागरिकता के आरोपों पर ध्रुव राठी का जवाब
वीडियो में ध्रुव राठी ने खुद के भारतीय नागरिक नहीं होने के आरोपों का भी जवाब दिया। इन दावों को खारिज करने के लिए उन्होंने अपना भारतीय पासपोर्ट दिखाया। उन्होंने अपने वीडियो के जरिए हिरासत के दौरान हुई घटनाओं और अपनी नागरिकता को लेकर उठाए गए सवालों पर पक्ष रखा।
CJP के तीन नेताओं को अदालत से मिली रिहाई
इस बीच, CJP के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंगा को दिल्ली की कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने रिहा करने का आदेश दिया। तीनों को एहतियातन हिरासत में रखा गया था। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किए जाने के बाद उन्हें शांति बनाए रखने के भरोसे और 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर छोड़ने का आदेश दिया गया।
10 अक्टूबर को एयरपोर्ट से हिरासत में लिए गए थे नेता
जानकारी के मुताबिक, 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद पुलिस ने CJP के तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया था। बताया गया कि यह कार्रवाई उन्हें पहले से तय लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने से रोकने के लिए की गई थी। अदालत से रिहाई के बाद नेताओं के बयान सामने आए हैं और इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है।
नोट: अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी के बयानों को उनके दावों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। प्रकाशन से पहले हिरासत की परिस्थितियों, पुलिस की कार्रवाई और अदालत के आदेश की स्वतंत्र पुष्टि करना उचित होगा।
