CJP Protest: CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट कोर्ट से सशर्त रिहाई मिल गई है। अदालत ने तीनों को अगले एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर छोड़ा। तीनों को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था।

Abhijeet Dipke Released: राजधानी नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा राजनीतिक बवाल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मुंबई से दिल्ली उतरते ही फ्लाइट से हिरासत में लिए गए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को आखिरकार कोर्ट से सशर्त रिहाई मिल गई है। दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद इन नेताओं को जमानत दी गई।

CJP Leaders Released: किस शर्त पर मिली रिहाई?

कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीनों नेताओं को इस शर्त पर रिहा किया कि वे अगले एक साल तक शांति बनाए रखेंगे और शांति भंग नहीं करेंगे। CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने भी सोशल मीडिया के जरिए नेताओं की रिहाई की जानकारी दी। दिपके, दास और रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद फ्लाइट के अंदर ही पुलिस ने हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले की गई। पुलिस ने इसे एहतियाती कार्रवाई बताया था।

Scroll to load tweet…

Conditional Bail Details: 1 साल तक शांति बॉन्ड की शर्त पर मिली रिहाई

  • कानूनी कार्रवाई: CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने पुष्टि की कि नेताओं पर BNSS की धारा 126 (शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा) और धारा 170 के तहत कार्रवाई की गई थी।
  • शांति बनाए रखने का बॉन्ड: कोर्ट ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया है।
  • आज दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस: रिहाई के बाद CJP नेतृत्व ने आज दोपहर करीब 2 बजे एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने का फैसला किया है, जिसमें वे आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे।

Delhi Police Crackdown: 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में

  • एयरपोर्ट पर ही धरपकड़: जंतर-मंतर पर शनिवार को होने वाले बड़े प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे CJP नेताओं को दिल्ली पुलिस ने प्लेन लैंड होते ही कस्टडी में ले लिया था।
  • विपक्षी दिग्गज भी हुए कस्टडी में: प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनाराई विजयन और माणिक सरकार समेत विपक्ष के कई बड़े चेहरों को भी पुलिस ने रोका।
  • 7,000 प्रदर्शनकारी रोके गए: पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर की तरफ बढ़ रहे 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रोककर कस्टडी में लिया गया।

SIR Voter List Dispute: जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन का आह्वान

  • 30 हजार जवानों की तैनाती: दिल्ली में किसी भी तरह की अनहोनी रोकने के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री बलों के 30,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।
  • इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी: CJP और विपक्षी दलों का आरोप है कि वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के नाम पर गड़बड़ी की जा रही है, जिसके विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

CJP Protest: एयरपोर्ट से ही हिरासत में लिए गए थे नेता

शनिवार को दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, दिपके समेत तीनों नेताओं को विमान के दिल्ली में उतरने के बाद हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। CJP ने नेताओं की हिरासत का विरोध किया था और प्रदर्शन जारी रखने की बात कही थी। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उसका आरोप है कि मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में गड़बड़ियां हुई हैं।

CJP की आगे की रणनीति क्या?

तीनों नेताओं की रिहाई के बाद अब CJP के अगले कदम पर नजर है। संगठन पहले ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान कर चुका है। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शन से पहले कई लोगों को हिरासत में लिया था। CJP नेताओं की रिहाई के साथ फिलहाल उनके खिलाफ एहतियाती कार्रवाई का यह चरण खत्म हो गया है। हालांकि, एक साल तक शांति बनाए रखने की अदालत की शर्त अब इस मामले का अहम हिस्सा है।